कम स्कोर लेंडर को बताता है कि पहले लोन चुकाने या क्रेडिट इस्तेमाल में दिक्कत रही है। कई लेंडर बिना गिरवी लोन के लिए एक सीमा रखते हैं, इसलिए कम स्कोर पर छोटा ऑफ़र मिल सकता है या "ना" भी हो सकती है। लेकिन सिर्फ़ स्कोर ही सब कुछ नहीं है।
पहले जानें कि स्कोर कम क्यों है
अपनी मुफ़्त क्रेडिट रिपोर्ट निकालें और वजह देखें:
- हाल के महीनों में देर से भुगतान (DPD)
- कोई राइट-ऑफ़ या सेटल किया हुआ खाता
- क्रेडिट कार्ड की लिमिट का बहुत ज़्यादा इस्तेमाल
- हाल में बहुत सारे लोन आवेदन
- कोई गलती — बंद लोन अब भी खुला दिखना, या ऐसा खाता जो आपका नहीं
गलतियाँ ब्यूरो की मुफ़्त डिस्प्यूट प्रक्रिया से ठीक करवाई जा सकती हैं।
स्कोर के अलावा लेंडर क्या देखते हैं
- स्थिर, पक्की आय — नियमित सैलरी या बिज़नेस का पैसा
- आय के मुकाबले कम चल रही EMI
- हाल का साफ़ रिकॉर्ड — पिछले 6 से 12 महीने सबसे ज़्यादा मायने रखते हैं
- अकाउंट एग्रीगेटर से शेयर की गई बैंकिंग हिस्ट्री, जो आपका असली कैश-फ़्लो दिखाए
संभावना कैसे बढ़ाएँ
- कम रकम माँगें जिसकी EMI आराम से भर सकें।
- जहाँ अनुमति हो, अच्छे स्कोर और आय वाला को-एप्लिकेंट जोड़ें।
- ज़रूरी काम के लिए सिक्योर्ड विकल्प जैसे गोल्ड लोन या FD पर लोन देखें।
- रुक सकें तो पहले स्कोर सुधारें — छह महीने समय पर भुगतान और कम कार्ड बकाया से स्कोर बढ़ सकता है। पढ़ें CIBIL स्कोर कैसे बढ़ाएँ।
- हर जगह आवेदन न करें — हर रिजेक्शन इन्क्वायरी जोड़ता है और स्कोर और घटाता है।
"खराब CIBIL पर गारंटी लोन" वाले ऑफ़र से बचें
जो कोई स्कोर देखे बिना पक्की मंज़ूरी का वादा करे और पहले फ़ीस माँगे, वह लगभग निश्चित रूप से फ़्रॉड है। पढ़ें लोन फ़्रॉड से कैसे बचें।

