हर लेंडर अपने नियम तय करता है, लेकिन ज़्यादातर लेंडर एक जैसी बुनियादी बातें देखते हैं। इन्हें पूरा करने से मंज़ूरी पक्की नहीं होती, और किसी एक में कमी हो तो हमेशा "ना" भी नहीं होती — लेंडर आपकी पूरी प्रोफ़ाइल देखता है।
आम योग्यता शर्तें
| शर्त | लेंडर आम तौर पर क्या देखते हैं |
|---|---|
| उम्र | आवेदन के समय 21 साल या ज़्यादा; ऊपरी उम्र सीमा हर लेंडर की अलग |
| निवास | भारत के निवासी |
| आय | नियमित आय — सैलरी या अपना काम — लेंडर की न्यूनतम सीमा से ज़्यादा, जो शहर के हिसाब से बदल सकती है |
| नौकरी/काम | मौजूदा नौकरी में कुछ समय (सैलरीड) या बिज़नेस कितने समय से चल रहा है (सेल्फ-एम्प्लॉयड) |
| CIBIL स्कोर | लेंडर की सीमा से ऊपर; कई लेंडर 750 के आस-पास या उससे ऊपर पसंद करते हैं |
| चल रही EMI | मौजूदा EMI और नई EMI मिलाकर आय का संभालने लायक हिस्सा हो |
| बैंकिंग | चालू बैंक खाता, नियमित क्रेडिट और हाल में कोई बाउंस नहीं |
| KYC | PAN और पते का प्रमाण |
सबसे ज़रूरी बातें
CIBIL स्कोर और क्रेडिट हिस्ट्री
लोन और कार्ड समय पर चुकाने का आपका रिकॉर्ड ही लेंडर के लिए सबसे बड़ा सबूत है कि आप लोन चुकाएँगे। स्कोर बढ़ाने के तरीके पढ़ें: CIBIL स्कोर कैसे बढ़ाएँ।
आय और चल रही EMI
लेंडर देखते हैं कि आपकी मासिक आय का कितना हिस्सा पहले से EMI में जा रहा है — इसे FOIR (Fixed Obligations to Income Ratio) कहते हैं। यह जितना कम, नई EMI के लिए उतनी जगह। आवेदन से पहले कोई छोटा लोन या कार्ड बकाया चुका देना मदद कर सकता है।
स्थिरता
स्थिर नौकरी या जमा हुआ बिज़नेस लेंडर को बताता है कि लोन की पूरी अवधि में आपकी आय चलती रहेगी।
योग्यता कैसे बढ़ाएँ
- अपनी क्रेडिट रिपोर्ट देखें और कोई गलती हो तो ठीक करवाएँ।
- कार्ड का बकाया घटाएँ और जो छोटे लोन चुका सकें, चुका दें।
- उतनी रकम माँगें जिसकी EMI आराम से भर सकें — पहले EMI कैलकुलेटर से जाँचें।
- जहाँ लेंडर अनुमति दे, अच्छी प्रोफ़ाइल वाला को-एप्लिकेंट जोड़ें।
- PAN, आधार और बैंक रिकॉर्ड में नाम, जन्मतिथि और पता एक जैसा रखें। देखें दस्तावेज़ों की सूची।
- एक साथ कई लेंडर पर आवेदन न करें — हर आवेदन रिपोर्ट में एक इन्क्वायरी जोड़ता है।
नौकरीपेशा हैं या अपना काम करते हैं?
शर्तें मिलती-जुलती हैं, बस आय अलग तरीके से जाँची जाती है। पढ़ें नौकरीपेशा के लिए पर्सनल लोन और सेल्फ-एम्प्लॉयड के लिए पर्सनल लोन।

