लोन लेते समय बैंक या NBFC सबसे पहले आपका CIBIL स्कोर देखते हैं। अच्छा स्कोर हो तो लोन जल्दी और बेहतर शर्तों पर मिल सकता है। अच्छी बात यह है कि स्कोर हमेशा के लिए तय नहीं होता — सही आदतों से इसे सुधारा जा सकता है। (Read in English: How to improve your CIBIL score.)
CIBIL स्कोर क्या है?
यह 300 से 900 के बीच का एक नंबर है, जो आपकी लोन और क्रेडिट कार्ड की हिस्ट्री देखकर बनता है। 900 के जितना करीब, उतना बेहतर। भारत में चार क्रेडिट ब्यूरो हैं — TransUnion CIBIL, Experian, Equifax और CRIF High Mark — और हर एक से साल में एक पूरी क्रेडिट रिपोर्ट मुफ़्त मिलती है।
स्कोर किन बातों से तय होता है?
| बात | असर |
|---|---|
| EMI और कार्ड बिल समय पर चुकाना | सबसे ज़्यादा |
| क्रेडिट कार्ड लिमिट का कितना हिस्सा इस्तेमाल | ज़्यादा |
| सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड लोन का संतुलन | मध्यम |
| क्रेडिट हिस्ट्री कितनी पुरानी है | मध्यम |
| हाल में कितनी बार लोन के लिए आवेदन किया | कम, पर जुड़ता जाता है |
स्कोर बढ़ाने के 8 तरीके
- हर EMI और कार्ड बिल समय पर भरें — ऑटो-डेबिट लगा लें। एक भी देर से हुआ भुगतान स्कोर गिरा सकता है।
- कार्ड का पूरा बिल भरें, सिर्फ़ मिनिमम ड्यू नहीं।
- कार्ड लिमिट का 30% से कम इस्तेमाल करें — ₹1 लाख की लिमिट हो तो बिल ₹30,000 से कम रखने की कोशिश करें।
- एक साथ कई लोन के लिए आवेदन न करें।
- अपनी क्रेडिट रिपोर्ट जाँचें — बंद हो चुका लोन "ओपन" दिख रहा हो या कोई अनजान खाता हो तो ब्यूरो की वेबसाइट पर मुफ़्त में शिकायत (डिस्प्यूट) करें।
- पुराना क्रेडिट कार्ड बंद न करें, अगर उसकी कोई सालाना फीस नहीं है।
- लोन "सेटल" नहीं, "क्लोज़" करवाएँ — "सेटल्ड" का मतलब है पूरा पैसा नहीं चुकाया, जिसका असर सालों तक रहता है।
- किसी के लोन में गारंटर सोच-समझकर बनें — उनकी चूक आपकी रिपोर्ट में भी दिखती है।
कितना समय लगता है?
1 जनवरी 2025 से RBI के नियम के तहत लेंडर हर 15 दिन में ब्यूरो को जानकारी भेजते हैं, इसलिए बदलाव पहले से जल्दी दिखते हैं। फिर भी अच्छा स्कोर बनाने के लिए आम तौर पर 6 से 12 महीने लगातार सही भुगतान करना ज़रूरी है।
ज़्यादा जानकारी के लिए अंग्रेज़ी में पढ़ें: How to improve your CIBIL score। लोन चाहिए? पर्सनल लोन कैसे लें पढ़ें।
यह गाइड सामान्य जानकारी है, वित्तीय सलाह नहीं। ब्याज दर, फ़ीस, योग्यता और दूसरी शर्तें हर लेंडर तय करता है और बदल सकती हैं; उदाहरणों के आँकड़े सिर्फ़ समझाने के लिए हैं। Oxon Fintech लोन दिलाने वाला प्लेटफ़ॉर्म है, लेंडर नहीं — लोन हमारे लेंडिंग पार्टनर मंज़ूर करते हैं और देते हैं।

