दुकानदार, व्यापारी, फ़्रीलांसर, सलाहकार और प्रोफ़ेशनल — सभी पर्सनल लोन ले सकते हैं। नौकरीपेशा से फ़र्क सिर्फ़ इतना है कि लेंडर आपकी आय कैसे पक्की करता है।
आय कैसे जाँची जाती है
- ITR — अक्सर पिछले एक-दो साल का, आय की गणना के साथ
- बैंक स्टेटमेंट — मुख्य खाते में नियमित पैसा आना, औसत बैलेंस और कोई बाउंस नहीं
- बिज़नेस की निरंतरता — बिज़नेस या प्रैक्टिस कितने समय से चल रही है
- बिज़नेस का प्रमाण — GST रजिस्ट्रेशन, उद्यम सर्टिफ़िकेट, दुकान लाइसेंस या प्रोफ़ेशनल रजिस्ट्रेशन
सुझाव
- आय बैंक खाते से गुज़ारें — लेंडर वही गिन पाते हैं जो उन्हें दिखे।
- ITR और GST समय पर भरें; नियमित फ़ाइलिंग आय का सबसे साफ़ सबूत है।
- निजी और बिज़नेस खाते अलग रखें, पर दोनों ठीक से चलाएँ।
- स्टेटमेंट डिजिटल तरीके से अकाउंट एग्रीगेटर से शेयर करें — आपके कैश-फ़्लो की पक्की तस्वीर।
पर्सनल लोन या बिज़नेस लोन?
अगर पैसा बिज़नेस के लिए है — स्टॉक, मशीन, वर्किंग कैपिटल — तो आम तौर पर बिज़नेस लोन बेहतर रहता है। निजी ज़रूरतों के लिए पर्सनल लोन ठीक है। देखें दस्तावेज़ और योग्यता।

