अलग-अलग ब्याज दरों पर ₹80,000 की 2 साल की EMI
| ब्याज दर (सालाना) | मासिक EMI | कुल ब्याज | कुल भुगतान |
|---|---|---|---|
| 10% | ₹3,692 | ₹8,598 | ₹88,598 |
| 12% | ₹3,766 | ₹10,381 | ₹90,381 |
| 14% | ₹3,841 | ₹12,185 | ₹92,185 |
| 16% | ₹3,917 | ₹14,009 | ₹94,009 |
| 18% | ₹3,994 | ₹15,854 | ₹95,854 |
| 20% | ₹4,072 | ₹17,720 | ₹97,720 |
| 22% | ₹4,150 | ₹19,606 | ₹99,606 |
| 24% | ₹4,230 | ₹21,513 | ₹1,01,513 |
यह रिड्यूसिंग बैलेंस फ़ॉर्मूले से निकाली गई है। दरें सिर्फ़ तुलना के लिए हैं, किसी लेंडर का ऑफ़र नहीं; प्रोसेसिंग फ़ीस और GST अलग से लगते हैं और लेंडर के Key Fact Statement में दिखते हैं।
16% पर महीने-दर-महीने भुगतान
| महीना | चुकाया मूलधन | चुकाया ब्याज | बचा बकाया |
|---|---|---|---|
| महीना 1 | ₹2,850 | ₹1,067 | ₹77,150 |
| महीना 2 | ₹2,888 | ₹1,029 | ₹74,261 |
| महीना 3 | ₹2,927 | ₹990 | ₹71,334 |
| महीना 4 | ₹2,966 | ₹951 | ₹68,368 |
| महीना 5 | ₹3,005 | ₹912 | ₹65,363 |
| महीना 6 | ₹3,046 | ₹872 | ₹62,317 |
| महीना 7 | ₹3,086 | ₹831 | ₹59,231 |
| महीना 8 | ₹3,127 | ₹790 | ₹56,104 |
| महीना 9 | ₹3,169 | ₹748 | ₹52,935 |
| महीना 10 | ₹3,211 | ₹706 | ₹49,724 |
| महीना 11 | ₹3,254 | ₹663 | ₹46,470 |
| महीना 12 | ₹3,297 | ₹620 | ₹43,172 |
| महीना 13 | ₹3,341 | ₹576 | ₹39,831 |
| महीना 14 | ₹3,386 | ₹531 | ₹36,445 |
| महीना 15 | ₹3,431 | ₹486 | ₹33,014 |
| महीना 16 | ₹3,477 | ₹440 | ₹29,537 |
| महीना 17 | ₹3,523 | ₹394 | ₹26,014 |
| महीना 18 | ₹3,570 | ₹347 | ₹22,443 |
| महीना 19 | ₹3,618 | ₹299 | ₹18,826 |
| महीना 20 | ₹3,666 | ₹251 | ₹15,160 |
| महीना 21 | ₹3,715 | ₹202 | ₹11,445 |
| महीना 22 | ₹3,764 | ₹153 | ₹7,680 |
| महीना 23 | ₹3,815 | ₹102 | ₹3,866 |
| महीना 24 | ₹3,866 | ₹52 | ₹0 |
ब्याज बचे हुए बकाये पर लगता है, इसलिए शुरुआती EMI में ज़्यादातर ब्याज और बाद की EMI में ज़्यादातर मूलधन होता है: पहले हिस्से का ब्याज लगभग ₹1,067 और आख़िरी का लगभग ₹52। आधा लोन लगभग महीना 13 तक चुक जाता है। अवधि की शुरुआत में आंशिक प्रीपेमेंट से सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है।
₹80,000 दूसरी अवधियों में
| अवधि | मासिक EMI | कुल ब्याज |
|---|---|---|
| 6 महीने | ₹13,962 | ₹3,775 |
| 1 साल | ₹7,258 | ₹7,102 |
| 18 महीने | ₹5,029 | ₹10,513 |
| 2 साल | ₹3,917 | ₹14,009 |
| 3 साल | ₹2,813 | ₹21,252 |
| 4 साल | ₹2,267 | ₹28,827 |
18 महीने चुनने से EMI बढ़ती है, लेकिन लगभग ₹3,496 ब्याज बचता है। 3 साल करने से EMI घटती है, लेकिन लगभग ₹7,243 ब्याज बढ़ जाता है।
2 साल के लिए आस-पास की रकम
| लोन की रकम | मासिक EMI | कुल ब्याज |
|---|---|---|
| ₹60,000 | ₹2,938 | ₹10,507 |
| ₹75,000 | ₹3,672 | ₹13,134 |
| ₹80,000 | ₹3,917 | ₹14,009 |
| ₹1 लाख | ₹4,896 | ₹17,511 |
| ₹1.5 लाख | ₹7,344 | ₹26,267 |
इस EMI के लिए कितनी आय चाहिए?
कई लेंडर चाहते हैं कि आपकी सभी EMI मासिक टेक-होम आय के लगभग आधे के अंदर रहें। कोई और EMI न हो तो ₹3,917 की EMI लगभग ₹8,000 महीने की आय के आधे में फ़िट होती है। लेंडर अपनी न्यूनतम आय भी तय करते हैं, जो अक्सर इससे ज़्यादा होती है, और CIBIL स्कोर व बैंकिंग भी देखते हैं — इसे मोटा अंदाज़ा मानें, वादा नहीं।
इस लोन पर कम कैसे चुकाएँ
- ऑफ़र की तुलना सिर्फ़ ब्याज दर पर नहीं, Key Fact Statement में लिखे APR पर करें।
- देखें कि दर रिड्यूसिंग है, फ़्लैट नहीं — फ़्लैट दर कहीं ज़्यादा महँगी पड़ती है।
- सबसे छोटी अवधि चुनें जिसकी EMI हर महीने आराम से भर सकें।
- जब हो सके प्रीपेमेंट करें — शुरुआती प्रीपेमेंट से सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है। पहले प्रीपेमेंट शुल्क देख लें।
- CIBIL स्कोर अच्छा रखें — बेहतर स्कोर पर आम तौर पर बेहतर दर मिलती है।

