EMI यानी Equated Monthly Instalment — वह तय रकम जो आप हर महीने लोन चुकाने के लिए देते हैं। हर EMI में दो हिस्से होते हैं: ब्याज (जो बकाया रकम पर लगता है) और मूलधन (जिससे बकाया रकम घटती है)। (Read in English: How is EMI calculated?)
EMI का फ़ॉर्मूला
- P = लोन की रकम
- r = महीने की ब्याज दर (सालाना दर ÷ 12 ÷ 100) — 12% सालाना = 0.01 महीना
- n = लोन की अवधि, महीनों में
उदाहरण
₹5,00,000 का लोन, 12% सालाना ब्याज, 36 महीने के लिए:
- हर महीने की EMI ≈ ₹16,607
- 3 साल में कुल भुगतान ≈ ₹5,97,858
- कुल ब्याज ≈ ₹97,858
(ये दरें सिर्फ़ उदाहरण के लिए हैं। असली दर लेंडर और आपकी प्रोफ़ाइल पर निर्भर करती है।)
अवधि बदलने से क्या फ़र्क पड़ता है?
वही ₹5,00,000, 12% सालाना:
| अवधि | हर महीने EMI | कुल ब्याज |
|---|---|---|
| 24 महीने | ₹23,537 | ₹64,882 |
| 36 महीने | ₹16,607 | ₹97,858 |
| 60 महीने | ₹11,122 | ₹1,67,333 |
लंबी अवधि = कम EMI, लेकिन ज़्यादा कुल ब्याज। उतनी ही छोटी अवधि चुनें जिसकी EMI आप हर महीने आराम से भर सकें।
फ्लैट रेट से सावधान
कुछ ऑफ़र "फ्लैट रेट" बताते हैं, जिसमें ब्याज पूरी रकम पर पूरे समय लगता है। 12% फ्लैट रेट, 3 साल के लिए, करीब 21% रिड्यूसिंग रेट जितना महँगा होता है। हमेशा रिड्यूसिंग रेट या KFS में लिखे APR से तुलना करें — फ्लैट से रिड्यूसिंग रेट कैलकुलेटर देखें।
EMI के अलावा खर्च
- प्रोसेसिंग फीस और उस पर GST
- प्रीपेमेंट या फोरक्लोज़र चार्ज (अगर लागू हो)
- देर से भुगतान पर पेनल्टी
ये सब लेंडर के Key Fact Statement (KFS) में लिखे होते हैं।
ख़ुद हिसाब लगाएँ
EMI कैलकुलेटर में रकम, ब्याज दर और अवधि डालें और तुरंत EMI देखें। लोन चाहिए? पढ़ें पर्सनल लोन कैसे लें या बिज़नेस लोन कैसे लें।
यह गाइड सामान्य जानकारी है, वित्तीय सलाह नहीं। ब्याज दर, फ़ीस, योग्यता और दूसरी शर्तें हर लेंडर तय करता है और बदल सकती हैं; उदाहरणों के आँकड़े सिर्फ़ समझाने के लिए हैं। Oxon Fintech लोन दिलाने वाला प्लेटफ़ॉर्म है, लेंडर नहीं — लोन हमारे लेंडिंग पार्टनर मंज़ूर करते हैं और देते हैं।

