अलग-अलग ब्याज दरों पर ₹75,000 की 2 साल की EMI
| ब्याज दर (सालाना) | मासिक EMI | कुल ब्याज | कुल भुगतान |
|---|---|---|---|
| 10% | ₹3,461 | ₹8,061 | ₹83,061 |
| 12% | ₹3,531 | ₹9,732 | ₹84,732 |
| 14% | ₹3,601 | ₹11,423 | ₹86,423 |
| 16% | ₹3,672 | ₹13,134 | ₹88,134 |
| 18% | ₹3,744 | ₹14,863 | ₹89,863 |
| 20% | ₹3,817 | ₹16,612 | ₹91,612 |
| 22% | ₹3,891 | ₹18,381 | ₹93,381 |
| 24% | ₹3,965 | ₹20,168 | ₹95,168 |
यह रिड्यूसिंग बैलेंस फ़ॉर्मूले से निकाली गई है। दरें सिर्फ़ तुलना के लिए हैं, किसी लेंडर का ऑफ़र नहीं; प्रोसेसिंग फ़ीस और GST अलग से लगते हैं और लेंडर के Key Fact Statement में दिखते हैं।
16% पर महीने-दर-महीने भुगतान
| महीना | चुकाया मूलधन | चुकाया ब्याज | बचा बकाया |
|---|---|---|---|
| महीना 1 | ₹2,672 | ₹1,000 | ₹72,328 |
| महीना 2 | ₹2,708 | ₹964 | ₹69,620 |
| महीना 3 | ₹2,744 | ₹928 | ₹66,876 |
| महीना 4 | ₹2,781 | ₹892 | ₹64,095 |
| महीना 5 | ₹2,818 | ₹855 | ₹61,278 |
| महीना 6 | ₹2,855 | ₹817 | ₹58,423 |
| महीना 7 | ₹2,893 | ₹779 | ₹55,529 |
| महीना 8 | ₹2,932 | ₹740 | ₹52,597 |
| महीना 9 | ₹2,971 | ₹701 | ₹49,627 |
| महीना 10 | ₹3,011 | ₹662 | ₹46,616 |
| महीना 11 | ₹3,051 | ₹622 | ₹43,565 |
| महीना 12 | ₹3,091 | ₹581 | ₹40,474 |
| महीना 13 | ₹3,133 | ₹540 | ₹37,341 |
| महीना 14 | ₹3,174 | ₹498 | ₹34,167 |
| महीना 15 | ₹3,217 | ₹456 | ₹30,950 |
| महीना 16 | ₹3,260 | ₹413 | ₹27,691 |
| महीना 17 | ₹3,303 | ₹369 | ₹24,388 |
| महीना 18 | ₹3,347 | ₹325 | ₹21,041 |
| महीना 19 | ₹3,392 | ₹281 | ₹17,649 |
| महीना 20 | ₹3,437 | ₹235 | ₹14,212 |
| महीना 21 | ₹3,483 | ₹189 | ₹10,729 |
| महीना 22 | ₹3,529 | ₹143 | ₹7,200 |
| महीना 23 | ₹3,576 | ₹96 | ₹3,624 |
| महीना 24 | ₹3,624 | ₹48 | ₹0 |
ब्याज बचे हुए बकाये पर लगता है, इसलिए शुरुआती EMI में ज़्यादातर ब्याज और बाद की EMI में ज़्यादातर मूलधन होता है: पहले हिस्से का ब्याज लगभग ₹1,000 और आख़िरी का लगभग ₹48। आधा लोन लगभग महीना 13 तक चुक जाता है। अवधि की शुरुआत में आंशिक प्रीपेमेंट से सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है।
₹75,000 दूसरी अवधियों में
| अवधि | मासिक EMI | कुल ब्याज |
|---|---|---|
| 6 महीने | ₹13,090 | ₹3,539 |
| 1 साल | ₹6,805 | ₹6,658 |
| 18 महीने | ₹4,714 | ₹9,856 |
| 2 साल | ₹3,672 | ₹13,134 |
| 3 साल | ₹2,637 | ₹19,924 |
| 4 साल | ₹2,126 | ₹27,025 |
18 महीने चुनने से EMI बढ़ती है, लेकिन लगभग ₹3,277 ब्याज बचता है। 3 साल करने से EMI घटती है, लेकिन लगभग ₹6,790 ब्याज बढ़ जाता है।
2 साल के लिए आस-पास की रकम
| लोन की रकम | मासिक EMI | कुल ब्याज |
|---|---|---|
| ₹50,000 | ₹2,448 | ₹8,756 |
| ₹60,000 | ₹2,938 | ₹10,507 |
| ₹75,000 | ₹3,672 | ₹13,134 |
| ₹80,000 | ₹3,917 | ₹14,009 |
| ₹1 लाख | ₹4,896 | ₹17,511 |
इस EMI के लिए कितनी आय चाहिए?
कई लेंडर चाहते हैं कि आपकी सभी EMI मासिक टेक-होम आय के लगभग आधे के अंदर रहें। कोई और EMI न हो तो ₹3,672 की EMI लगभग ₹8,000 महीने की आय के आधे में फ़िट होती है। लेंडर अपनी न्यूनतम आय भी तय करते हैं, जो अक्सर इससे ज़्यादा होती है, और CIBIL स्कोर व बैंकिंग भी देखते हैं — इसे मोटा अंदाज़ा मानें, वादा नहीं।
इस लोन पर कम कैसे चुकाएँ
- ऑफ़र की तुलना सिर्फ़ ब्याज दर पर नहीं, Key Fact Statement में लिखे APR पर करें।
- देखें कि दर रिड्यूसिंग है, फ़्लैट नहीं — फ़्लैट दर कहीं ज़्यादा महँगी पड़ती है।
- सबसे छोटी अवधि चुनें जिसकी EMI हर महीने आराम से भर सकें।
- जब हो सके प्रीपेमेंट करें — शुरुआती प्रीपेमेंट से सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है। पहले प्रीपेमेंट शुल्क देख लें।
- CIBIL स्कोर अच्छा रखें — बेहतर स्कोर पर आम तौर पर बेहतर दर मिलती है।

