अलग-अलग ब्याज दरों पर ₹50,000 की 2 साल की EMI
| ब्याज दर (सालाना) | मासिक EMI | कुल ब्याज | कुल भुगतान |
|---|---|---|---|
| 10% | ₹2,307 | ₹5,374 | ₹55,374 |
| 12% | ₹2,354 | ₹6,488 | ₹56,488 |
| 14% | ₹2,401 | ₹7,615 | ₹57,615 |
| 16% | ₹2,448 | ₹8,756 | ₹58,756 |
| 18% | ₹2,496 | ₹9,909 | ₹59,909 |
| 20% | ₹2,545 | ₹11,075 | ₹61,075 |
| 22% | ₹2,594 | ₹12,254 | ₹62,254 |
| 24% | ₹2,644 | ₹13,445 | ₹63,445 |
यह रिड्यूसिंग बैलेंस फ़ॉर्मूले से निकाली गई है। दरें सिर्फ़ तुलना के लिए हैं, किसी लेंडर का ऑफ़र नहीं; प्रोसेसिंग फ़ीस और GST अलग से लगते हैं और लेंडर के Key Fact Statement में दिखते हैं।
16% पर महीने-दर-महीने भुगतान
| महीना | चुकाया मूलधन | चुकाया ब्याज | बचा बकाया |
|---|---|---|---|
| महीना 1 | ₹1,781 | ₹667 | ₹48,219 |
| महीना 2 | ₹1,805 | ₹643 | ₹46,413 |
| महीना 3 | ₹1,829 | ₹619 | ₹44,584 |
| महीना 4 | ₹1,854 | ₹594 | ₹42,730 |
| महीना 5 | ₹1,878 | ₹570 | ₹40,852 |
| महीना 6 | ₹1,903 | ₹545 | ₹38,948 |
| महीना 7 | ₹1,929 | ₹519 | ₹37,020 |
| महीना 8 | ₹1,955 | ₹494 | ₹35,065 |
| महीना 9 | ₹1,981 | ₹468 | ₹33,084 |
| महीना 10 | ₹2,007 | ₹441 | ₹31,077 |
| महीना 11 | ₹2,034 | ₹414 | ₹29,044 |
| महीना 12 | ₹2,061 | ₹387 | ₹26,983 |
| महीना 13 | ₹2,088 | ₹360 | ₹24,894 |
| महीना 14 | ₹2,116 | ₹332 | ₹22,778 |
| महीना 15 | ₹2,144 | ₹304 | ₹20,634 |
| महीना 16 | ₹2,173 | ₹275 | ₹18,461 |
| महीना 17 | ₹2,202 | ₹246 | ₹16,258 |
| महीना 18 | ₹2,231 | ₹217 | ₹14,027 |
| महीना 19 | ₹2,261 | ₹187 | ₹11,766 |
| महीना 20 | ₹2,291 | ₹157 | ₹9,475 |
| महीना 21 | ₹2,322 | ₹126 | ₹7,153 |
| महीना 22 | ₹2,353 | ₹95 | ₹4,800 |
| महीना 23 | ₹2,384 | ₹64 | ₹2,416 |
| महीना 24 | ₹2,416 | ₹32 | ₹0 |
ब्याज बचे हुए बकाये पर लगता है, इसलिए शुरुआती EMI में ज़्यादातर ब्याज और बाद की EMI में ज़्यादातर मूलधन होता है: पहले हिस्से का ब्याज लगभग ₹667 और आख़िरी का लगभग ₹32। आधा लोन लगभग महीना 13 तक चुक जाता है। अवधि की शुरुआत में आंशिक प्रीपेमेंट से सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है।
₹50,000 दूसरी अवधियों में
| अवधि | मासिक EMI | कुल ब्याज |
|---|---|---|
| 6 महीने | ₹8,727 | ₹2,359 |
| 1 साल | ₹4,537 | ₹4,439 |
| 18 महीने | ₹3,143 | ₹6,571 |
| 2 साल | ₹2,448 | ₹8,756 |
| 3 साल | ₹1,758 | ₹13,283 |
| 4 साल | ₹1,417 | ₹18,017 |
18 महीने चुनने से EMI बढ़ती है, लेकिन लगभग ₹2,185 ब्याज बचता है। 3 साल करने से EMI घटती है, लेकिन लगभग ₹4,527 ब्याज बढ़ जाता है।
2 साल के लिए आस-पास की रकम
| लोन की रकम | मासिक EMI | कुल ब्याज |
|---|---|---|
| ₹30,000 | ₹1,469 | ₹5,253 |
| ₹40,000 | ₹1,959 | ₹7,005 |
| ₹50,000 | ₹2,448 | ₹8,756 |
| ₹60,000 | ₹2,938 | ₹10,507 |
| ₹75,000 | ₹3,672 | ₹13,134 |
इस EMI के लिए कितनी आय चाहिए?
कई लेंडर चाहते हैं कि आपकी सभी EMI मासिक टेक-होम आय के लगभग आधे के अंदर रहें। कोई और EMI न हो तो ₹2,448 की EMI लगभग ₹5,000 महीने की आय के आधे में फ़िट होती है। लेंडर अपनी न्यूनतम आय भी तय करते हैं, जो अक्सर इससे ज़्यादा होती है, और CIBIL स्कोर व बैंकिंग भी देखते हैं — इसे मोटा अंदाज़ा मानें, वादा नहीं।
इस लोन पर कम कैसे चुकाएँ
- ऑफ़र की तुलना सिर्फ़ ब्याज दर पर नहीं, Key Fact Statement में लिखे APR पर करें।
- देखें कि दर रिड्यूसिंग है, फ़्लैट नहीं — फ़्लैट दर कहीं ज़्यादा महँगी पड़ती है।
- सबसे छोटी अवधि चुनें जिसकी EMI हर महीने आराम से भर सकें।
- जब हो सके प्रीपेमेंट करें — शुरुआती प्रीपेमेंट से सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है। पहले प्रीपेमेंट शुल्क देख लें।
- CIBIL स्कोर अच्छा रखें — बेहतर स्कोर पर आम तौर पर बेहतर दर मिलती है।

