अलग-अलग ब्याज दरों पर ₹50,000 की 1 साल की EMI
| ब्याज दर (सालाना) | मासिक EMI | कुल ब्याज | कुल भुगतान |
|---|---|---|---|
| 10% | ₹4,396 | ₹2,750 | ₹52,750 |
| 12% | ₹4,442 | ₹3,309 | ₹53,309 |
| 14% | ₹4,489 | ₹3,872 | ₹53,872 |
| 16% | ₹4,537 | ₹4,439 | ₹54,439 |
| 18% | ₹4,584 | ₹5,008 | ₹55,008 |
| 20% | ₹4,632 | ₹5,581 | ₹55,581 |
| 22% | ₹4,680 | ₹6,157 | ₹56,157 |
| 24% | ₹4,728 | ₹6,736 | ₹56,736 |
यह रिड्यूसिंग बैलेंस फ़ॉर्मूले से निकाली गई है। दरें सिर्फ़ तुलना के लिए हैं, किसी लेंडर का ऑफ़र नहीं; प्रोसेसिंग फ़ीस और GST अलग से लगते हैं और लेंडर के Key Fact Statement में दिखते हैं।
16% पर महीने-दर-महीने भुगतान
| महीना | चुकाया मूलधन | चुकाया ब्याज | बचा बकाया |
|---|---|---|---|
| महीना 1 | ₹3,870 | ₹667 | ₹46,130 |
| महीना 2 | ₹3,921 | ₹615 | ₹42,209 |
| महीना 3 | ₹3,974 | ₹563 | ₹38,235 |
| महीना 4 | ₹4,027 | ₹510 | ₹34,208 |
| महीना 5 | ₹4,080 | ₹456 | ₹30,128 |
| महीना 6 | ₹4,135 | ₹402 | ₹25,993 |
| महीना 7 | ₹4,190 | ₹347 | ₹21,803 |
| महीना 8 | ₹4,246 | ₹291 | ₹17,557 |
| महीना 9 | ₹4,302 | ₹234 | ₹13,255 |
| महीना 10 | ₹4,360 | ₹177 | ₹8,895 |
| महीना 11 | ₹4,418 | ₹119 | ₹4,477 |
| महीना 12 | ₹4,477 | ₹60 | ₹0 |
ब्याज बचे हुए बकाये पर लगता है, इसलिए शुरुआती EMI में ज़्यादातर ब्याज और बाद की EMI में ज़्यादातर मूलधन होता है: पहले हिस्से का ब्याज लगभग ₹667 और आख़िरी का लगभग ₹60। आधा लोन लगभग महीना 7 तक चुक जाता है। अवधि की शुरुआत में आंशिक प्रीपेमेंट से सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है।
₹50,000 दूसरी अवधियों में
| अवधि | मासिक EMI | कुल ब्याज |
|---|---|---|
| 6 महीने | ₹8,727 | ₹2,359 |
| 1 साल | ₹4,537 | ₹4,439 |
| 18 महीने | ₹3,143 | ₹6,571 |
| 2 साल | ₹2,448 | ₹8,756 |
| 3 साल | ₹1,758 | ₹13,283 |
| 4 साल | ₹1,417 | ₹18,017 |
6 महीने चुनने से EMI बढ़ती है, लेकिन लगभग ₹2,079 ब्याज बचता है। 18 महीने करने से EMI घटती है, लेकिन लगभग ₹2,132 ब्याज बढ़ जाता है।
1 साल के लिए आस-पास की रकम
| लोन की रकम | मासिक EMI | कुल ब्याज |
|---|---|---|
| ₹30,000 | ₹2,722 | ₹2,663 |
| ₹40,000 | ₹3,629 | ₹3,551 |
| ₹50,000 | ₹4,537 | ₹4,439 |
| ₹60,000 | ₹5,444 | ₹5,326 |
| ₹75,000 | ₹6,805 | ₹6,658 |
इस EMI के लिए कितनी आय चाहिए?
कई लेंडर चाहते हैं कि आपकी सभी EMI मासिक टेक-होम आय के लगभग आधे के अंदर रहें। कोई और EMI न हो तो ₹4,537 की EMI लगभग ₹10,000 महीने की आय के आधे में फ़िट होती है। लेंडर अपनी न्यूनतम आय भी तय करते हैं, जो अक्सर इससे ज़्यादा होती है, और CIBIL स्कोर व बैंकिंग भी देखते हैं — इसे मोटा अंदाज़ा मानें, वादा नहीं।
इस लोन पर कम कैसे चुकाएँ
- ऑफ़र की तुलना सिर्फ़ ब्याज दर पर नहीं, Key Fact Statement में लिखे APR पर करें।
- देखें कि दर रिड्यूसिंग है, फ़्लैट नहीं — फ़्लैट दर कहीं ज़्यादा महँगी पड़ती है।
- सबसे छोटी अवधि चुनें जिसकी EMI हर महीने आराम से भर सकें।
- जब हो सके प्रीपेमेंट करें — शुरुआती प्रीपेमेंट से सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है। पहले प्रीपेमेंट शुल्क देख लें।
- CIBIL स्कोर अच्छा रखें — बेहतर स्कोर पर आम तौर पर बेहतर दर मिलती है।

