अलग-अलग ब्याज दरों पर ₹60,000 की 1 साल की EMI
| ब्याज दर (सालाना) | मासिक EMI | कुल ब्याज | कुल भुगतान |
|---|---|---|---|
| 10% | ₹5,275 | ₹3,299 | ₹63,299 |
| 12% | ₹5,331 | ₹3,971 | ₹63,971 |
| 14% | ₹5,387 | ₹4,647 | ₹64,647 |
| 16% | ₹5,444 | ₹5,326 | ₹65,326 |
| 18% | ₹5,501 | ₹6,010 | ₹66,010 |
| 20% | ₹5,558 | ₹6,697 | ₹66,697 |
| 22% | ₹5,616 | ₹7,388 | ₹67,388 |
| 24% | ₹5,674 | ₹8,083 | ₹68,083 |
यह रिड्यूसिंग बैलेंस फ़ॉर्मूले से निकाली गई है। दरें सिर्फ़ तुलना के लिए हैं, किसी लेंडर का ऑफ़र नहीं; प्रोसेसिंग फ़ीस और GST अलग से लगते हैं और लेंडर के Key Fact Statement में दिखते हैं।
16% पर महीने-दर-महीने भुगतान
| महीना | चुकाया मूलधन | चुकाया ब्याज | बचा बकाया |
|---|---|---|---|
| महीना 1 | ₹4,644 | ₹800 | ₹55,356 |
| महीना 2 | ₹4,706 | ₹738 | ₹50,650 |
| महीना 3 | ₹4,769 | ₹675 | ₹45,882 |
| महीना 4 | ₹4,832 | ₹612 | ₹41,050 |
| महीना 5 | ₹4,897 | ₹547 | ₹36,153 |
| महीना 6 | ₹4,962 | ₹482 | ₹31,191 |
| महीना 7 | ₹5,028 | ₹416 | ₹26,163 |
| महीना 8 | ₹5,095 | ₹349 | ₹21,068 |
| महीना 9 | ₹5,163 | ₹281 | ₹15,906 |
| महीना 10 | ₹5,232 | ₹212 | ₹10,674 |
| महीना 11 | ₹5,302 | ₹142 | ₹5,372 |
| महीना 12 | ₹5,372 | ₹72 | ₹0 |
ब्याज बचे हुए बकाये पर लगता है, इसलिए शुरुआती EMI में ज़्यादातर ब्याज और बाद की EMI में ज़्यादातर मूलधन होता है: पहले हिस्से का ब्याज लगभग ₹800 और आख़िरी का लगभग ₹72। आधा लोन लगभग महीना 7 तक चुक जाता है। अवधि की शुरुआत में आंशिक प्रीपेमेंट से सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है।
₹60,000 दूसरी अवधियों में
| अवधि | मासिक EMI | कुल ब्याज |
|---|---|---|
| 6 महीने | ₹10,472 | ₹2,831 |
| 1 साल | ₹5,444 | ₹5,326 |
| 18 महीने | ₹3,771 | ₹7,885 |
| 2 साल | ₹2,938 | ₹10,507 |
| 3 साल | ₹2,109 | ₹15,939 |
| 4 साल | ₹1,700 | ₹21,620 |
6 महीने चुनने से EMI बढ़ती है, लेकिन लगभग ₹2,495 ब्याज बचता है। 18 महीने करने से EMI घटती है, लेकिन लगभग ₹2,559 ब्याज बढ़ जाता है।
1 साल के लिए आस-पास की रकम
| लोन की रकम | मासिक EMI | कुल ब्याज |
|---|---|---|
| ₹40,000 | ₹3,629 | ₹3,551 |
| ₹50,000 | ₹4,537 | ₹4,439 |
| ₹60,000 | ₹5,444 | ₹5,326 |
| ₹75,000 | ₹6,805 | ₹6,658 |
| ₹80,000 | ₹7,258 | ₹7,102 |
इस EMI के लिए कितनी आय चाहिए?
कई लेंडर चाहते हैं कि आपकी सभी EMI मासिक टेक-होम आय के लगभग आधे के अंदर रहें। कोई और EMI न हो तो ₹5,444 की EMI लगभग ₹11,000 महीने की आय के आधे में फ़िट होती है। लेंडर अपनी न्यूनतम आय भी तय करते हैं, जो अक्सर इससे ज़्यादा होती है, और CIBIL स्कोर व बैंकिंग भी देखते हैं — इसे मोटा अंदाज़ा मानें, वादा नहीं।
इस लोन पर कम कैसे चुकाएँ
- ऑफ़र की तुलना सिर्फ़ ब्याज दर पर नहीं, Key Fact Statement में लिखे APR पर करें।
- देखें कि दर रिड्यूसिंग है, फ़्लैट नहीं — फ़्लैट दर कहीं ज़्यादा महँगी पड़ती है।
- सबसे छोटी अवधि चुनें जिसकी EMI हर महीने आराम से भर सकें।
- जब हो सके प्रीपेमेंट करें — शुरुआती प्रीपेमेंट से सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है। पहले प्रीपेमेंट शुल्क देख लें।
- CIBIL स्कोर अच्छा रखें — बेहतर स्कोर पर आम तौर पर बेहतर दर मिलती है।

