अलग-अलग ब्याज दरों पर ₹1 लाख की 2 साल की EMI
| ब्याज दर (सालाना) | मासिक EMI | कुल ब्याज | कुल भुगतान |
|---|---|---|---|
| 10% | ₹4,614 | ₹10,748 | ₹1,10,748 |
| 12% | ₹4,707 | ₹12,976 | ₹1,12,976 |
| 14% | ₹4,801 | ₹15,231 | ₹1,15,231 |
| 16% | ₹4,896 | ₹17,511 | ₹1,17,511 |
| 18% | ₹4,992 | ₹19,818 | ₹1,19,818 |
| 20% | ₹5,090 | ₹22,150 | ₹1,22,150 |
| 22% | ₹5,188 | ₹24,508 | ₹1,24,508 |
| 24% | ₹5,287 | ₹26,891 | ₹1,26,891 |
यह रिड्यूसिंग बैलेंस फ़ॉर्मूले से निकाली गई है। दरें सिर्फ़ तुलना के लिए हैं, किसी लेंडर का ऑफ़र नहीं; प्रोसेसिंग फ़ीस और GST अलग से लगते हैं और लेंडर के Key Fact Statement में दिखते हैं।
16% पर महीने-दर-महीने भुगतान
| महीना | चुकाया मूलधन | चुकाया ब्याज | बचा बकाया |
|---|---|---|---|
| महीना 1 | ₹3,563 | ₹1,333 | ₹96,437 |
| महीना 2 | ₹3,610 | ₹1,286 | ₹92,827 |
| महीना 3 | ₹3,659 | ₹1,238 | ₹89,168 |
| महीना 4 | ₹3,707 | ₹1,189 | ₹85,461 |
| महीना 5 | ₹3,757 | ₹1,139 | ₹81,704 |
| महीना 6 | ₹3,807 | ₹1,089 | ₹77,897 |
| महीना 7 | ₹3,858 | ₹1,039 | ₹74,039 |
| महीना 8 | ₹3,909 | ₹987 | ₹70,130 |
| महीना 9 | ₹3,961 | ₹935 | ₹66,169 |
| महीना 10 | ₹4,014 | ₹882 | ₹62,155 |
| महीना 11 | ₹4,068 | ₹829 | ₹58,087 |
| महीना 12 | ₹4,122 | ₹774 | ₹53,965 |
| महीना 13 | ₹4,177 | ₹720 | ₹49,788 |
| महीना 14 | ₹4,232 | ₹664 | ₹45,556 |
| महीना 15 | ₹4,289 | ₹607 | ₹41,267 |
| महीना 16 | ₹4,346 | ₹550 | ₹36,921 |
| महीना 17 | ₹4,404 | ₹492 | ₹32,517 |
| महीना 18 | ₹4,463 | ₹434 | ₹28,054 |
| महीना 19 | ₹4,522 | ₹374 | ₹23,532 |
| महीना 20 | ₹4,583 | ₹314 | ₹18,949 |
| महीना 21 | ₹4,644 | ₹253 | ₹14,306 |
| महीना 22 | ₹4,706 | ₹191 | ₹9,600 |
| महीना 23 | ₹4,768 | ₹128 | ₹4,832 |
| महीना 24 | ₹4,832 | ₹64 | ₹0 |
ब्याज बचे हुए बकाये पर लगता है, इसलिए शुरुआती EMI में ज़्यादातर ब्याज और बाद की EMI में ज़्यादातर मूलधन होता है: पहले हिस्से का ब्याज लगभग ₹1,333 और आख़िरी का लगभग ₹64। आधा लोन लगभग महीना 13 तक चुक जाता है। अवधि की शुरुआत में आंशिक प्रीपेमेंट से सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है।
₹1 लाख दूसरी अवधियों में
| अवधि | मासिक EMI | कुल ब्याज |
|---|---|---|
| 6 महीने | ₹17,453 | ₹4,718 |
| 1 साल | ₹9,073 | ₹8,877 |
| 18 महीने | ₹6,286 | ₹13,142 |
| 2 साल | ₹4,896 | ₹17,511 |
| 3 साल | ₹3,516 | ₹26,565 |
| 4 साल | ₹2,834 | ₹36,033 |
18 महीने चुनने से EMI बढ़ती है, लेकिन लगभग ₹4,370 ब्याज बचता है। 3 साल करने से EMI घटती है, लेकिन लगभग ₹9,054 ब्याज बढ़ जाता है।
2 साल के लिए आस-पास की रकम
| लोन की रकम | मासिक EMI | कुल ब्याज |
|---|---|---|
| ₹75,000 | ₹3,672 | ₹13,134 |
| ₹80,000 | ₹3,917 | ₹14,009 |
| ₹1 लाख | ₹4,896 | ₹17,511 |
| ₹1.5 लाख | ₹7,344 | ₹26,267 |
| ₹2 लाख | ₹9,793 | ₹35,023 |
इस EMI के लिए कितनी आय चाहिए?
कई लेंडर चाहते हैं कि आपकी सभी EMI मासिक टेक-होम आय के लगभग आधे के अंदर रहें। कोई और EMI न हो तो ₹4,896 की EMI लगभग ₹10,000 महीने की आय के आधे में फ़िट होती है। लेंडर अपनी न्यूनतम आय भी तय करते हैं, जो अक्सर इससे ज़्यादा होती है, और CIBIL स्कोर व बैंकिंग भी देखते हैं — इसे मोटा अंदाज़ा मानें, वादा नहीं।
इस लोन पर कम कैसे चुकाएँ
- ऑफ़र की तुलना सिर्फ़ ब्याज दर पर नहीं, Key Fact Statement में लिखे APR पर करें।
- देखें कि दर रिड्यूसिंग है, फ़्लैट नहीं — फ़्लैट दर कहीं ज़्यादा महँगी पड़ती है।
- सबसे छोटी अवधि चुनें जिसकी EMI हर महीने आराम से भर सकें।
- जब हो सके प्रीपेमेंट करें — शुरुआती प्रीपेमेंट से सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है। पहले प्रीपेमेंट शुल्क देख लें।
- CIBIL स्कोर अच्छा रखें — बेहतर स्कोर पर आम तौर पर बेहतर दर मिलती है।

