अलग-अलग ब्याज दरों पर ₹1.5 लाख की 2 साल की EMI
| ब्याज दर (सालाना) | मासिक EMI | कुल ब्याज | कुल भुगतान |
|---|---|---|---|
| 10% | ₹6,922 | ₹16,122 | ₹1,66,122 |
| 12% | ₹7,061 | ₹19,465 | ₹1,69,465 |
| 14% | ₹7,202 | ₹22,846 | ₹1,72,846 |
| 16% | ₹7,344 | ₹26,267 | ₹1,76,267 |
| 18% | ₹7,489 | ₹29,727 | ₹1,79,727 |
| 20% | ₹7,634 | ₹33,225 | ₹1,83,225 |
| 22% | ₹7,782 | ₹36,761 | ₹1,86,761 |
| 24% | ₹7,931 | ₹40,336 | ₹1,90,336 |
यह रिड्यूसिंग बैलेंस फ़ॉर्मूले से निकाली गई है। दरें सिर्फ़ तुलना के लिए हैं, किसी लेंडर का ऑफ़र नहीं; प्रोसेसिंग फ़ीस और GST अलग से लगते हैं और लेंडर के Key Fact Statement में दिखते हैं।
16% पर महीने-दर-महीने भुगतान
| महीना | चुकाया मूलधन | चुकाया ब्याज | बचा बकाया |
|---|---|---|---|
| महीना 1 | ₹5,344 | ₹2,000 | ₹1,44,656 |
| महीना 2 | ₹5,416 | ₹1,929 | ₹1,39,240 |
| महीना 3 | ₹5,488 | ₹1,857 | ₹1,33,752 |
| महीना 4 | ₹5,561 | ₹1,783 | ₹1,28,191 |
| महीना 5 | ₹5,635 | ₹1,709 | ₹1,22,556 |
| महीना 6 | ₹5,710 | ₹1,634 | ₹1,16,845 |
| महीना 7 | ₹5,787 | ₹1,558 | ₹1,11,059 |
| महीना 8 | ₹5,864 | ₹1,481 | ₹1,05,195 |
| महीना 9 | ₹5,942 | ₹1,403 | ₹99,253 |
| महीना 10 | ₹6,021 | ₹1,323 | ₹93,232 |
| महीना 11 | ₹6,101 | ₹1,243 | ₹87,131 |
| महीना 12 | ₹6,183 | ₹1,162 | ₹80,948 |
| महीना 13 | ₹6,265 | ₹1,079 | ₹74,683 |
| महीना 14 | ₹6,349 | ₹996 | ₹68,334 |
| महीना 15 | ₹6,433 | ₹911 | ₹61,901 |
| महीना 16 | ₹6,519 | ₹825 | ₹55,382 |
| महीना 17 | ₹6,606 | ₹738 | ₹48,775 |
| महीना 18 | ₹6,694 | ₹650 | ₹42,081 |
| महीना 19 | ₹6,783 | ₹561 | ₹35,298 |
| महीना 20 | ₹6,874 | ₹471 | ₹28,424 |
| महीना 21 | ₹6,965 | ₹379 | ₹21,459 |
| महीना 22 | ₹7,058 | ₹286 | ₹14,400 |
| महीना 23 | ₹7,152 | ₹192 | ₹7,248 |
| महीना 24 | ₹7,248 | ₹97 | ₹0 |
ब्याज बचे हुए बकाये पर लगता है, इसलिए शुरुआती EMI में ज़्यादातर ब्याज और बाद की EMI में ज़्यादातर मूलधन होता है: पहले हिस्से का ब्याज लगभग ₹2,000 और आख़िरी का लगभग ₹97। आधा लोन लगभग महीना 13 तक चुक जाता है। अवधि की शुरुआत में आंशिक प्रीपेमेंट से सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है।
₹1.5 लाख दूसरी अवधियों में
| अवधि | मासिक EMI | कुल ब्याज |
|---|---|---|
| 6 महीने | ₹26,180 | ₹7,077 |
| 1 साल | ₹13,610 | ₹13,316 |
| 18 महीने | ₹9,428 | ₹19,712 |
| 2 साल | ₹7,344 | ₹26,267 |
| 3 साल | ₹5,274 | ₹39,848 |
| 4 साल | ₹4,251 | ₹54,050 |
18 महीने चुनने से EMI बढ़ती है, लेकिन लगभग ₹6,555 ब्याज बचता है। 3 साल करने से EMI घटती है, लेकिन लगभग ₹13,581 ब्याज बढ़ जाता है।
2 साल के लिए आस-पास की रकम
| लोन की रकम | मासिक EMI | कुल ब्याज |
|---|---|---|
| ₹80,000 | ₹3,917 | ₹14,009 |
| ₹1 लाख | ₹4,896 | ₹17,511 |
| ₹1.5 लाख | ₹7,344 | ₹26,267 |
| ₹2 लाख | ₹9,793 | ₹35,023 |
| ₹2.5 लाख | ₹12,241 | ₹43,779 |
इस EMI के लिए कितनी आय चाहिए?
कई लेंडर चाहते हैं कि आपकी सभी EMI मासिक टेक-होम आय के लगभग आधे के अंदर रहें। कोई और EMI न हो तो ₹7,344 की EMI लगभग ₹15,000 महीने की आय के आधे में फ़िट होती है। लेंडर अपनी न्यूनतम आय भी तय करते हैं, जो अक्सर इससे ज़्यादा होती है, और CIBIL स्कोर व बैंकिंग भी देखते हैं — इसे मोटा अंदाज़ा मानें, वादा नहीं।
इस लोन पर कम कैसे चुकाएँ
- ऑफ़र की तुलना सिर्फ़ ब्याज दर पर नहीं, Key Fact Statement में लिखे APR पर करें।
- देखें कि दर रिड्यूसिंग है, फ़्लैट नहीं — फ़्लैट दर कहीं ज़्यादा महँगी पड़ती है।
- सबसे छोटी अवधि चुनें जिसकी EMI हर महीने आराम से भर सकें।
- जब हो सके प्रीपेमेंट करें — शुरुआती प्रीपेमेंट से सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है। पहले प्रीपेमेंट शुल्क देख लें।
- CIBIL स्कोर अच्छा रखें — बेहतर स्कोर पर आम तौर पर बेहतर दर मिलती है।

