अलग-अलग ब्याज दरों पर ₹1.5 लाख की 3 साल की EMI
| ब्याज दर (सालाना) | मासिक EMI | कुल ब्याज | कुल भुगतान |
|---|---|---|---|
| 10% | ₹4,840 | ₹24,243 | ₹1,74,243 |
| 12% | ₹4,982 | ₹29,357 | ₹1,79,357 |
| 14% | ₹5,127 | ₹34,559 | ₹1,84,559 |
| 16% | ₹5,274 | ₹39,848 | ₹1,89,848 |
| 18% | ₹5,423 | ₹45,223 | ₹1,95,223 |
| 20% | ₹5,575 | ₹50,683 | ₹2,00,683 |
| 22% | ₹5,729 | ₹56,228 | ₹2,06,228 |
| 24% | ₹5,885 | ₹61,857 | ₹2,11,857 |
यह रिड्यूसिंग बैलेंस फ़ॉर्मूले से निकाली गई है। दरें सिर्फ़ तुलना के लिए हैं, किसी लेंडर का ऑफ़र नहीं; प्रोसेसिंग फ़ीस और GST अलग से लगते हैं और लेंडर के Key Fact Statement में दिखते हैं।
16% पर साल-दर-साल भुगतान
| साल | चुकाया मूलधन | चुकाया ब्याज | बचा बकाया |
|---|---|---|---|
| साल 1 | ₹42,295 | ₹20,987 | ₹1,07,705 |
| साल 2 | ₹49,582 | ₹13,701 | ₹58,123 |
| साल 3 | ₹58,123 | ₹5,160 | ₹0 |
ब्याज बचे हुए बकाये पर लगता है, इसलिए शुरुआती EMI में ज़्यादातर ब्याज और बाद की EMI में ज़्यादातर मूलधन होता है: पहले हिस्से का ब्याज लगभग ₹20,987 और आख़िरी का लगभग ₹5,160। आधा लोन लगभग साल 2 तक चुक जाता है। अवधि की शुरुआत में आंशिक प्रीपेमेंट से सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है।
₹1.5 लाख दूसरी अवधियों में
| अवधि | मासिक EMI | कुल ब्याज |
|---|---|---|
| 6 महीने | ₹26,180 | ₹7,077 |
| 1 साल | ₹13,610 | ₹13,316 |
| 18 महीने | ₹9,428 | ₹19,712 |
| 2 साल | ₹7,344 | ₹26,267 |
| 3 साल | ₹5,274 | ₹39,848 |
| 4 साल | ₹4,251 | ₹54,050 |
2 साल चुनने से EMI बढ़ती है, लेकिन लगभग ₹13,581 ब्याज बचता है। 4 साल करने से EMI घटती है, लेकिन लगभग ₹14,202 ब्याज बढ़ जाता है।
3 साल के लिए आस-पास की रकम
| लोन की रकम | मासिक EMI | कुल ब्याज |
|---|---|---|
| ₹80,000 | ₹2,813 | ₹21,252 |
| ₹1 लाख | ₹3,516 | ₹26,565 |
| ₹1.5 लाख | ₹5,274 | ₹39,848 |
| ₹2 लाख | ₹7,031 | ₹53,131 |
| ₹2.5 लाख | ₹8,789 | ₹66,413 |
इस EMI के लिए कितनी आय चाहिए?
कई लेंडर चाहते हैं कि आपकी सभी EMI मासिक टेक-होम आय के लगभग आधे के अंदर रहें। कोई और EMI न हो तो ₹5,274 की EMI लगभग ₹11,000 महीने की आय के आधे में फ़िट होती है। लेंडर अपनी न्यूनतम आय भी तय करते हैं, जो अक्सर इससे ज़्यादा होती है, और CIBIL स्कोर व बैंकिंग भी देखते हैं — इसे मोटा अंदाज़ा मानें, वादा नहीं।
इस लोन पर कम कैसे चुकाएँ
- ऑफ़र की तुलना सिर्फ़ ब्याज दर पर नहीं, Key Fact Statement में लिखे APR पर करें।
- देखें कि दर रिड्यूसिंग है, फ़्लैट नहीं — फ़्लैट दर कहीं ज़्यादा महँगी पड़ती है।
- सबसे छोटी अवधि चुनें जिसकी EMI हर महीने आराम से भर सकें।
- जब हो सके प्रीपेमेंट करें — शुरुआती प्रीपेमेंट से सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है। पहले प्रीपेमेंट शुल्क देख लें।
- CIBIL स्कोर अच्छा रखें — बेहतर स्कोर पर आम तौर पर बेहतर दर मिलती है।

