अलग-अलग ब्याज दरों पर ₹1.5 लाख की 18 महीने की EMI
| ब्याज दर (सालाना) | मासिक EMI | कुल ब्याज | कुल भुगतान |
|---|---|---|---|
| 10% | ₹9,009 | ₹12,154 | ₹1,62,154 |
| 12% | ₹9,147 | ₹14,652 | ₹1,64,652 |
| 14% | ₹9,287 | ₹17,171 | ₹1,67,171 |
| 16% | ₹9,428 | ₹19,712 | ₹1,69,712 |
| 18% | ₹9,571 | ₹22,276 | ₹1,72,276 |
| 20% | ₹9,714 | ₹24,861 | ₹1,74,861 |
| 22% | ₹9,859 | ₹27,467 | ₹1,77,467 |
| 24% | ₹10,005 | ₹30,096 | ₹1,80,096 |
यह रिड्यूसिंग बैलेंस फ़ॉर्मूले से निकाली गई है। दरें सिर्फ़ तुलना के लिए हैं, किसी लेंडर का ऑफ़र नहीं; प्रोसेसिंग फ़ीस और GST अलग से लगते हैं और लेंडर के Key Fact Statement में दिखते हैं।
16% पर महीने-दर-महीने भुगतान
| महीना | चुकाया मूलधन | चुकाया ब्याज | बचा बकाया |
|---|---|---|---|
| महीना 1 | ₹7,428 | ₹2,000 | ₹1,42,572 |
| महीना 2 | ₹7,528 | ₹1,901 | ₹1,35,044 |
| महीना 3 | ₹7,628 | ₹1,801 | ₹1,27,416 |
| महीना 4 | ₹7,730 | ₹1,699 | ₹1,19,687 |
| महीना 5 | ₹7,833 | ₹1,596 | ₹1,11,854 |
| महीना 6 | ₹7,937 | ₹1,491 | ₹1,03,917 |
| महीना 7 | ₹8,043 | ₹1,386 | ₹95,874 |
| महीना 8 | ₹8,150 | ₹1,278 | ₹87,724 |
| महीना 9 | ₹8,259 | ₹1,170 | ₹79,465 |
| महीना 10 | ₹8,369 | ₹1,060 | ₹71,096 |
| महीना 11 | ₹8,481 | ₹948 | ₹62,616 |
| महीना 12 | ₹8,594 | ₹835 | ₹54,022 |
| महीना 13 | ₹8,708 | ₹720 | ₹45,314 |
| महीना 14 | ₹8,824 | ₹604 | ₹36,489 |
| महीना 15 | ₹8,942 | ₹487 | ₹27,548 |
| महीना 16 | ₹9,061 | ₹367 | ₹18,486 |
| महीना 17 | ₹9,182 | ₹246 | ₹9,304 |
| महीना 18 | ₹9,304 | ₹124 | ₹0 |
ब्याज बचे हुए बकाये पर लगता है, इसलिए शुरुआती EMI में ज़्यादातर ब्याज और बाद की EMI में ज़्यादातर मूलधन होता है: पहले हिस्से का ब्याज लगभग ₹2,000 और आख़िरी का लगभग ₹124। आधा लोन लगभग महीना 10 तक चुक जाता है। अवधि की शुरुआत में आंशिक प्रीपेमेंट से सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है।
₹1.5 लाख दूसरी अवधियों में
| अवधि | मासिक EMI | कुल ब्याज |
|---|---|---|
| 6 महीने | ₹26,180 | ₹7,077 |
| 1 साल | ₹13,610 | ₹13,316 |
| 18 महीने | ₹9,428 | ₹19,712 |
| 2 साल | ₹7,344 | ₹26,267 |
| 3 साल | ₹5,274 | ₹39,848 |
| 4 साल | ₹4,251 | ₹54,050 |
1 साल चुनने से EMI बढ़ती है, लेकिन लगभग ₹6,397 ब्याज बचता है। 2 साल करने से EMI घटती है, लेकिन लगभग ₹6,555 ब्याज बढ़ जाता है।
18 महीने के लिए आस-पास की रकम
इस EMI के लिए कितनी आय चाहिए?
कई लेंडर चाहते हैं कि आपकी सभी EMI मासिक टेक-होम आय के लगभग आधे के अंदर रहें। कोई और EMI न हो तो ₹9,428 की EMI लगभग ₹19,000 महीने की आय के आधे में फ़िट होती है। लेंडर अपनी न्यूनतम आय भी तय करते हैं, जो अक्सर इससे ज़्यादा होती है, और CIBIL स्कोर व बैंकिंग भी देखते हैं — इसे मोटा अंदाज़ा मानें, वादा नहीं।
इस लोन पर कम कैसे चुकाएँ
- ऑफ़र की तुलना सिर्फ़ ब्याज दर पर नहीं, Key Fact Statement में लिखे APR पर करें।
- देखें कि दर रिड्यूसिंग है, फ़्लैट नहीं — फ़्लैट दर कहीं ज़्यादा महँगी पड़ती है।
- सबसे छोटी अवधि चुनें जिसकी EMI हर महीने आराम से भर सकें।
- जब हो सके प्रीपेमेंट करें — शुरुआती प्रीपेमेंट से सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है। पहले प्रीपेमेंट शुल्क देख लें।
- CIBIL स्कोर अच्छा रखें — बेहतर स्कोर पर आम तौर पर बेहतर दर मिलती है।

