अलग-अलग ब्याज दरों पर ₹2 लाख की 3 साल की EMI
| ब्याज दर (सालाना) | मासिक EMI | कुल ब्याज | कुल भुगतान |
|---|---|---|---|
| 10% | ₹6,453 | ₹32,324 | ₹2,32,324 |
| 12% | ₹6,643 | ₹39,143 | ₹2,39,143 |
| 14% | ₹6,836 | ₹46,079 | ₹2,46,079 |
| 16% | ₹7,031 | ₹53,131 | ₹2,53,131 |
| 18% | ₹7,230 | ₹60,297 | ₹2,60,297 |
| 20% | ₹7,433 | ₹67,578 | ₹2,67,578 |
| 22% | ₹7,638 | ₹74,971 | ₹2,74,971 |
| 24% | ₹7,847 | ₹82,477 | ₹2,82,477 |
यह रिड्यूसिंग बैलेंस फ़ॉर्मूले से निकाली गई है। दरें सिर्फ़ तुलना के लिए हैं, किसी लेंडर का ऑफ़र नहीं; प्रोसेसिंग फ़ीस और GST अलग से लगते हैं और लेंडर के Key Fact Statement में दिखते हैं।
14% पर साल-दर-साल भुगतान
| साल | चुकाया मूलधन | चुकाया ब्याज | बचा बकाया |
|---|---|---|---|
| साल 1 | ₹57,631 | ₹24,395 | ₹1,42,369 |
| साल 2 | ₹66,238 | ₹15,788 | ₹76,130 |
| साल 3 | ₹76,130 | ₹5,896 | ₹0 |
ब्याज बचे हुए बकाये पर लगता है, इसलिए शुरुआती EMI में ज़्यादातर ब्याज और बाद की EMI में ज़्यादातर मूलधन होता है: पहले हिस्से का ब्याज लगभग ₹24,395 और आख़िरी का लगभग ₹5,896। आधा लोन लगभग साल 2 तक चुक जाता है। अवधि की शुरुआत में आंशिक प्रीपेमेंट से सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है।
₹2 लाख दूसरी अवधियों में
| अवधि | मासिक EMI | कुल ब्याज |
|---|---|---|
| 1 साल | ₹17,957 | ₹15,489 |
| 2 साल | ₹9,603 | ₹30,462 |
| 3 साल | ₹6,836 | ₹46,079 |
| 4 साल | ₹5,465 | ₹62,334 |
| 5 साल | ₹4,654 | ₹79,219 |
| 7 साल | ₹3,748 | ₹1,14,832 |
2 साल चुनने से EMI बढ़ती है, लेकिन लगभग ₹15,617 ब्याज बचता है। 4 साल करने से EMI घटती है, लेकिन लगभग ₹16,255 ब्याज बढ़ जाता है।
3 साल के लिए आस-पास की रकम
| लोन की रकम | मासिक EMI | कुल ब्याज |
|---|---|---|
| ₹1 लाख | ₹3,418 | ₹23,039 |
| ₹1.5 लाख | ₹5,127 | ₹34,559 |
| ₹2 लाख | ₹6,836 | ₹46,079 |
| ₹2.5 लाख | ₹8,544 | ₹57,599 |
| ₹3 लाख | ₹10,253 | ₹69,118 |
इस EMI के लिए कितनी आय चाहिए?
कई लेंडर चाहते हैं कि आपकी सभी EMI मासिक टेक-होम आय के लगभग आधे के अंदर रहें। कोई और EMI न हो तो ₹6,836 की EMI लगभग ₹14,000 महीने की आय के आधे में फ़िट होती है। लेंडर अपनी न्यूनतम आय भी तय करते हैं, जो अक्सर इससे ज़्यादा होती है, और CIBIL स्कोर व बैंकिंग भी देखते हैं — इसे मोटा अंदाज़ा मानें, वादा नहीं।
इस लोन पर कम कैसे चुकाएँ
- ऑफ़र की तुलना सिर्फ़ ब्याज दर पर नहीं, Key Fact Statement में लिखे APR पर करें।
- देखें कि दर रिड्यूसिंग है, फ़्लैट नहीं — फ़्लैट दर कहीं ज़्यादा महँगी पड़ती है।
- सबसे छोटी अवधि चुनें जिसकी EMI हर महीने आराम से भर सकें।
- जब हो सके प्रीपेमेंट करें — शुरुआती प्रीपेमेंट से सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है। पहले प्रीपेमेंट शुल्क देख लें।
- CIBIL स्कोर अच्छा रखें — बेहतर स्कोर पर आम तौर पर बेहतर दर मिलती है।

