अलग-अलग ब्याज दरों पर ₹10 लाख की 7 साल की EMI
| ब्याज दर (सालाना) | मासिक EMI | कुल ब्याज | कुल भुगतान |
|---|---|---|---|
| 10% | ₹16,601 | ₹3,94,499 | ₹13,94,499 |
| 12% | ₹17,653 | ₹4,82,830 | ₹14,82,830 |
| 14% | ₹18,740 | ₹5,74,161 | ₹15,74,161 |
| 16% | ₹19,862 | ₹6,68,413 | ₹16,68,413 |
| 18% | ₹21,018 | ₹7,65,498 | ₹17,65,498 |
| 20% | ₹22,206 | ₹8,65,321 | ₹18,65,321 |
| 22% | ₹23,426 | ₹9,67,779 | ₹19,67,779 |
| 24% | ₹24,676 | ₹10,72,768 | ₹20,72,768 |
यह रिड्यूसिंग बैलेंस फ़ॉर्मूले से निकाली गई है। दरें सिर्फ़ तुलना के लिए हैं, किसी लेंडर का ऑफ़र नहीं; प्रोसेसिंग फ़ीस और GST अलग से लगते हैं और लेंडर के Key Fact Statement में दिखते हैं।
12% पर साल-दर-साल भुगतान
| साल | चुकाया मूलधन | चुकाया ब्याज | बचा बकाया |
|---|---|---|---|
| साल 1 | ₹97,056 | ₹1,14,777 | ₹9,02,944 |
| साल 2 | ₹1,09,365 | ₹1,02,468 | ₹7,93,579 |
| साल 3 | ₹1,23,235 | ₹88,598 | ₹6,70,344 |
| साल 4 | ₹1,38,864 | ₹72,968 | ₹5,31,480 |
| साल 5 | ₹1,56,476 | ₹55,357 | ₹3,75,004 |
| साल 6 | ₹1,76,321 | ₹35,512 | ₹1,98,683 |
| साल 7 | ₹1,98,683 | ₹13,150 | ₹0 |
ब्याज बचे हुए बकाये पर लगता है, इसलिए शुरुआती EMI में ज़्यादातर ब्याज और बाद की EMI में ज़्यादातर मूलधन होता है: पहले हिस्से का ब्याज लगभग ₹1,14,777 और आख़िरी का लगभग ₹13,150। आधा लोन लगभग साल 5 तक चुक जाता है। अवधि की शुरुआत में आंशिक प्रीपेमेंट से सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है।
₹10 लाख दूसरी अवधियों में
| अवधि | मासिक EMI | कुल ब्याज |
|---|---|---|
| 1 साल | ₹88,849 | ₹66,185 |
| 2 साल | ₹47,073 | ₹1,29,763 |
| 3 साल | ₹33,214 | ₹1,95,715 |
| 5 साल | ₹22,244 | ₹3,34,667 |
| 7 साल | ₹17,653 | ₹4,82,830 |
| 10 साल | ₹14,347 | ₹7,21,651 |
5 साल चुनने से EMI बढ़ती है, लेकिन लगभग ₹1,48,163 ब्याज बचता है। 10 साल करने से EMI घटती है, लेकिन लगभग ₹2,38,822 ब्याज बढ़ जाता है।
7 साल के लिए आस-पास की रकम
| लोन की रकम | मासिक EMI | कुल ब्याज |
|---|---|---|
| ₹7.5 लाख | ₹13,240 | ₹3,62,122 |
| ₹8 लाख | ₹14,122 | ₹3,86,264 |
| ₹10 लाख | ₹17,653 | ₹4,82,830 |
| ₹12 लाख | ₹21,183 | ₹5,79,395 |
| ₹15 लाख | ₹26,479 | ₹7,24,244 |
इस EMI के लिए कितनी आय चाहिए?
कई लेंडर चाहते हैं कि आपकी सभी EMI मासिक टेक-होम आय के लगभग आधे के अंदर रहें। कोई और EMI न हो तो ₹17,653 की EMI लगभग ₹36,000 महीने की आय के आधे में फ़िट होती है। लेंडर अपनी न्यूनतम आय भी तय करते हैं, जो अक्सर इससे ज़्यादा होती है, और CIBIL स्कोर व बैंकिंग भी देखते हैं — इसे मोटा अंदाज़ा मानें, वादा नहीं।
इस लोन पर कम कैसे चुकाएँ
- ऑफ़र की तुलना सिर्फ़ ब्याज दर पर नहीं, Key Fact Statement में लिखे APR पर करें।
- देखें कि दर रिड्यूसिंग है, फ़्लैट नहीं — फ़्लैट दर कहीं ज़्यादा महँगी पड़ती है।
- सबसे छोटी अवधि चुनें जिसकी EMI हर महीने आराम से भर सकें।
- जब हो सके प्रीपेमेंट करें — शुरुआती प्रीपेमेंट से सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है। पहले प्रीपेमेंट शुल्क देख लें।
- CIBIL स्कोर अच्छा रखें — बेहतर स्कोर पर आम तौर पर बेहतर दर मिलती है।

