अलग-अलग ब्याज दरों पर ₹7.5 लाख की 7 साल की EMI
| ब्याज दर (सालाना) | मासिक EMI | कुल ब्याज | कुल भुगतान |
|---|---|---|---|
| 10% | ₹12,451 | ₹2,95,875 | ₹10,45,875 |
| 12% | ₹13,240 | ₹3,62,122 | ₹11,12,122 |
| 14% | ₹14,055 | ₹4,30,621 | ₹11,80,621 |
| 16% | ₹14,897 | ₹5,01,310 | ₹12,51,310 |
| 18% | ₹15,763 | ₹5,74,124 | ₹13,24,124 |
| 20% | ₹16,655 | ₹6,48,991 | ₹13,98,991 |
| 22% | ₹17,569 | ₹7,25,834 | ₹14,75,834 |
| 24% | ₹18,507 | ₹8,04,576 | ₹15,54,576 |
यह रिड्यूसिंग बैलेंस फ़ॉर्मूले से निकाली गई है। दरें सिर्फ़ तुलना के लिए हैं, किसी लेंडर का ऑफ़र नहीं; प्रोसेसिंग फ़ीस और GST अलग से लगते हैं और लेंडर के Key Fact Statement में दिखते हैं।
14% पर साल-दर-साल भुगतान
| साल | चुकाया मूलधन | चुकाया ब्याज | बचा बकाया |
|---|---|---|---|
| साल 1 | ₹67,908 | ₹1,00,752 | ₹6,82,092 |
| साल 2 | ₹78,050 | ₹90,611 | ₹6,04,042 |
| साल 3 | ₹89,706 | ₹78,954 | ₹5,14,337 |
| साल 4 | ₹1,03,103 | ₹65,558 | ₹4,11,234 |
| साल 5 | ₹1,18,500 | ₹50,160 | ₹2,92,734 |
| साल 6 | ₹1,36,197 | ₹32,463 | ₹1,56,537 |
| साल 7 | ₹1,56,537 | ₹12,123 | ₹0 |
ब्याज बचे हुए बकाये पर लगता है, इसलिए शुरुआती EMI में ज़्यादातर ब्याज और बाद की EMI में ज़्यादातर मूलधन होता है: पहले हिस्से का ब्याज लगभग ₹1,00,752 और आख़िरी का लगभग ₹12,123। आधा लोन लगभग साल 5 तक चुक जाता है। अवधि की शुरुआत में आंशिक प्रीपेमेंट से सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है।
₹7.5 लाख दूसरी अवधियों में
| अवधि | मासिक EMI | कुल ब्याज |
|---|---|---|
| 1 साल | ₹67,340 | ₹58,084 |
| 2 साल | ₹36,010 | ₹1,14,232 |
| 3 साल | ₹25,633 | ₹1,72,796 |
| 4 साल | ₹20,495 | ₹2,33,753 |
| 5 साल | ₹17,451 | ₹2,97,071 |
| 7 साल | ₹14,055 | ₹4,30,621 |
5 साल चुनने से EMI बढ़ती है, लेकिन लगभग ₹1,33,549 ब्याज बचता है।
7 साल के लिए आस-पास की रकम
| लोन की रकम | मासिक EMI | कुल ब्याज |
|---|---|---|
| ₹6 लाख | ₹11,244 | ₹3,44,497 |
| ₹7 लाख | ₹13,118 | ₹4,01,913 |
| ₹7.5 लाख | ₹14,055 | ₹4,30,621 |
| ₹8 लाख | ₹14,992 | ₹4,59,329 |
| ₹10 लाख | ₹18,740 | ₹5,74,161 |
इस EMI के लिए कितनी आय चाहिए?
कई लेंडर चाहते हैं कि आपकी सभी EMI मासिक टेक-होम आय के लगभग आधे के अंदर रहें। कोई और EMI न हो तो ₹14,055 की EMI लगभग ₹29,000 महीने की आय के आधे में फ़िट होती है। लेंडर अपनी न्यूनतम आय भी तय करते हैं, जो अक्सर इससे ज़्यादा होती है, और CIBIL स्कोर व बैंकिंग भी देखते हैं — इसे मोटा अंदाज़ा मानें, वादा नहीं।
इस लोन पर कम कैसे चुकाएँ
- ऑफ़र की तुलना सिर्फ़ ब्याज दर पर नहीं, Key Fact Statement में लिखे APR पर करें।
- देखें कि दर रिड्यूसिंग है, फ़्लैट नहीं — फ़्लैट दर कहीं ज़्यादा महँगी पड़ती है।
- सबसे छोटी अवधि चुनें जिसकी EMI हर महीने आराम से भर सकें।
- जब हो सके प्रीपेमेंट करें — शुरुआती प्रीपेमेंट से सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है। पहले प्रीपेमेंट शुल्क देख लें।
- CIBIL स्कोर अच्छा रखें — बेहतर स्कोर पर आम तौर पर बेहतर दर मिलती है।

