अलग-अलग ब्याज दरों पर ₹20 लाख की 7 साल की EMI
| ब्याज दर (सालाना) | मासिक EMI | कुल ब्याज | कुल भुगतान |
|---|---|---|---|
| 10% | ₹33,202 | ₹7,88,999 | ₹27,88,999 |
| 12% | ₹35,305 | ₹9,65,659 | ₹29,65,659 |
| 14% | ₹37,480 | ₹11,48,322 | ₹31,48,322 |
| 16% | ₹39,724 | ₹13,36,827 | ₹33,36,827 |
| 18% | ₹42,036 | ₹15,30,997 | ₹35,30,997 |
| 20% | ₹44,412 | ₹17,30,641 | ₹37,30,641 |
| 22% | ₹46,852 | ₹19,35,559 | ₹39,35,559 |
| 24% | ₹49,352 | ₹21,45,536 | ₹41,45,536 |
यह रिड्यूसिंग बैलेंस फ़ॉर्मूले से निकाली गई है। दरें सिर्फ़ तुलना के लिए हैं, किसी लेंडर का ऑफ़र नहीं; प्रोसेसिंग फ़ीस और GST अलग से लगते हैं और लेंडर के Key Fact Statement में दिखते हैं।
12% पर साल-दर-साल भुगतान
| साल | चुकाया मूलधन | चुकाया ब्याज | बचा बकाया |
|---|---|---|---|
| साल 1 | ₹1,94,112 | ₹2,29,554 | ₹18,05,888 |
| साल 2 | ₹2,18,730 | ₹2,04,936 | ₹15,87,159 |
| साल 3 | ₹2,46,470 | ₹1,77,195 | ₹13,40,688 |
| साल 4 | ₹2,77,729 | ₹1,45,937 | ₹10,62,959 |
| साल 5 | ₹3,12,952 | ₹1,10,714 | ₹7,50,008 |
| साल 6 | ₹3,52,642 | ₹71,024 | ₹3,97,366 |
| साल 7 | ₹3,97,366 | ₹26,300 | ₹0 |
ब्याज बचे हुए बकाये पर लगता है, इसलिए शुरुआती EMI में ज़्यादातर ब्याज और बाद की EMI में ज़्यादातर मूलधन होता है: पहले हिस्से का ब्याज लगभग ₹2,29,554 और आख़िरी का लगभग ₹26,300। आधा लोन लगभग साल 5 तक चुक जाता है। अवधि की शुरुआत में आंशिक प्रीपेमेंट से सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है।
₹20 लाख दूसरी अवधियों में
| अवधि | मासिक EMI | कुल ब्याज |
|---|---|---|
| 1 साल | ₹1,77,698 | ₹1,32,371 |
| 2 साल | ₹94,147 | ₹2,59,527 |
| 3 साल | ₹66,429 | ₹3,91,430 |
| 5 साल | ₹44,489 | ₹6,69,334 |
| 7 साल | ₹35,305 | ₹9,65,659 |
| 10 साल | ₹28,694 | ₹14,43,303 |
5 साल चुनने से EMI बढ़ती है, लेकिन लगभग ₹2,96,325 ब्याज बचता है। 10 साल करने से EMI घटती है, लेकिन लगभग ₹4,77,644 ब्याज बढ़ जाता है।
7 साल के लिए आस-पास की रकम
| लोन की रकम | मासिक EMI | कुल ब्याज |
|---|---|---|
| ₹12 लाख | ₹21,183 | ₹5,79,395 |
| ₹15 लाख | ₹26,479 | ₹7,24,244 |
| ₹20 लाख | ₹35,305 | ₹9,65,659 |
| ₹25 लाख | ₹44,132 | ₹12,07,074 |
| ₹30 लाख | ₹52,958 | ₹14,48,489 |
इस EMI के लिए कितनी आय चाहिए?
कई लेंडर चाहते हैं कि आपकी सभी EMI मासिक टेक-होम आय के लगभग आधे के अंदर रहें। कोई और EMI न हो तो ₹35,305 की EMI लगभग ₹71,000 महीने की आय के आधे में फ़िट होती है। लेंडर अपनी न्यूनतम आय भी तय करते हैं, जो अक्सर इससे ज़्यादा होती है, और CIBIL स्कोर व बैंकिंग भी देखते हैं — इसे मोटा अंदाज़ा मानें, वादा नहीं।
इस लोन पर कम कैसे चुकाएँ
- ऑफ़र की तुलना सिर्फ़ ब्याज दर पर नहीं, Key Fact Statement में लिखे APR पर करें।
- देखें कि दर रिड्यूसिंग है, फ़्लैट नहीं — फ़्लैट दर कहीं ज़्यादा महँगी पड़ती है।
- सबसे छोटी अवधि चुनें जिसकी EMI हर महीने आराम से भर सकें।
- जब हो सके प्रीपेमेंट करें — शुरुआती प्रीपेमेंट से सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है। पहले प्रीपेमेंट शुल्क देख लें।
- CIBIL स्कोर अच्छा रखें — बेहतर स्कोर पर आम तौर पर बेहतर दर मिलती है।

