दस्तावेज़ पहले से तैयार हों तो बिज़नेस लोन की प्रक्रिया काफ़ी तेज़ होती है। लेंडर के हिसाब से सूची थोड़ी बदल सकती है।
सभी बिज़नेस के लिए
- मालिक/पार्टनर/डायरेक्टर का PAN और आधार या पते का प्रमाण
- बिज़नेस का PAN (जहाँ अलग हो)
- बिज़नेस का प्रमाण — GST सर्टिफ़िकेट, उद्यम रजिस्ट्रेशन, दुकान और स्थापना लाइसेंस, या ट्रेड लाइसेंस
- बिज़नेस का पता — बिजली बिल, किरायानामा या प्रॉपर्टी के कागज़
- पिछले 6 से 12 महीने के बैंक स्टेटमेंट — मुख्य करंट अकाउंट के
- ITR — अक्सर पिछले एक-दो साल का, आय की गणना के साथ
बिज़नेस के प्रकार के हिसाब से
| प्रकार | अतिरिक्त दस्तावेज़ |
|---|---|
| प्रोप्राइटरशिप | मालिक का KYC, बिज़नेस प्रमाण (GST/उद्यम/लाइसेंस) |
| पार्टनरशिप फ़र्म | पार्टनरशिप डीड, फ़र्म का PAN, सभी पार्टनर का KYC |
| प्राइवेट लिमिटेड कंपनी | सर्टिफ़िकेट ऑफ़ इनकॉरपोरेशन, MOA और AOA, बोर्ड रेज़ोल्यूशन, डायरेक्टर का KYC |
बड़ी रकम के लिए
- ऑडिट किए हुए खाते (प्रॉफ़िट-लॉस और बैलेंस शीट), अक्सर 2-3 साल के
- GST रिटर्न
- चल रहे लोन की जानकारी (सैंक्शन लेटर, स्टेटमेंट)
- सिक्योर्ड लोन हो तो प्रॉपर्टी के कागज़
देरी से बचने के तरीके
- बिज़नेस का नाम और पता सभी दस्तावेज़ों में एक जैसा रखें।
- बैंक स्टेटमेंट डिजिटल तरीके से अकाउंट एग्रीगेटर से शेयर करें — PDF इकट्ठा करने की ज़रूरत नहीं।
- GST और ITR की फ़ाइलिंग अपडेट रखें।
आगे देखें योग्यता और EMI कैलकुलेटर।

