दुकान चलाने में सबसे बड़ी ज़रूरत होती है समय पर स्टॉक और कभी-कभी विस्तार। बिज़नेस लोन इसमें मदद कर सकता है — बशर्ते दुकान का हिसाब-किताब लेंडर को साफ़ दिखे।
दुकानदार किसके लिए लोन लेते हैं
- त्योहार या सीज़न से पहले स्टॉक भरना
- फ़्रिज, काउंटर, रैक या POS मशीन
- दुकान की मरम्मत या सजावट
- दूसरी दुकान या नया आउटलेट
- सप्लायर को एडवांस, होलसेल ख़रीद पर छूट पाने के लिए
लेंडर क्या देखते हैं
- दुकान कितने समय से चल रही है
- बैंक स्टेटमेंट — रोज़ की बिक्री का पैसा खाते में आता है या नहीं, UPI और कार्ड पेमेंट
- GST रिटर्न (अगर रजिस्टर्ड हैं) या ITR
- दुकान का प्रमाण — दुकान/ट्रेड लाइसेंस, उद्यम रजिस्ट्रेशन, किरायानामा
- मालिक का CIBIL स्कोर
दुकानदारों के लिए सुझाव
- UPI/QR से पेमेंट लें और कैश भी बैंक में जमा करें — बैंक में दिखी बिक्री ही आपकी कमाई का सबूत है।
- एक करंट अकाउंट से दुकान चलाएँ।
- उद्यम रजिस्ट्रेशन करवाएँ — मुफ़्त है।
- छोटी रकम के लिए मुद्रा योजना देखें — पढ़ें मुद्रा लोन क्या है।
- GST रजिस्ट्रेशन नहीं है? देखें बिना GST के बिज़नेस लोन।

