बिज़नेस लोन में लेंडर दो चीज़ें देखता है: बिज़नेस लोन चुका पाएगा या नहीं और मालिक का रिकॉर्ड कैसा है। हर लेंडर की शर्तें अलग होती हैं, पर बुनियादी बातें मिलती-जुलती हैं।
आम योग्यता शर्तें
| शर्त | लेंडर आम तौर पर क्या देखते हैं |
|---|---|
| बिज़नेस विंटेज | बिज़नेस कितने समय से चल रहा है — लेंडर न्यूनतम समय तय करते हैं |
| टर्नओवर | सालाना बिक्री या आय लेंडर की न्यूनतम सीमा से ऊपर |
| बैंकिंग | करंट अकाउंट में नियमित क्रेडिट, अच्छा औसत बैलेंस, कम चेक बाउंस |
| फ़ाइलिंग | GST रिटर्न (जहाँ लागू) और ITR समय पर |
| चल रहे कर्ज़ | मौजूदा EMI और नई EMI बिज़नेस की कमाई से आराम से चुकें |
| क्रेडिट रिकॉर्ड | मालिक का CIBIL स्कोर और बिज़नेस का क्रेडिट रिकॉर्ड |
| KYC | मालिक और बिज़नेस का PAN, पते और बिज़नेस का प्रमाण |
सबसे ज़रूरी: बैंक स्टेटमेंट
लेंडर आपके बैंक स्टेटमेंट से बिज़नेस की असली नब्ज़ देखते हैं — पैसा कितना और कितनी नियमितता से आता है, कितनी EMI चल रही है, बाउंस कितने हैं। इसलिए बिक्री एक मुख्य करंट अकाउंट से चलाएँ। Oxon Fintech के साथ ये स्टेटमेंट अकाउंट एग्रीगेटर से, आपकी सहमति से, डिजिटल तरीके से जाते हैं।
योग्यता कैसे बढ़ाएँ
- GST और ITR समय पर भरें — यह टर्नओवर का सबसे साफ़ सबूत है।
- कैश बिक्री भी बैंक में जमा करें — लेंडर वही गिनते हैं जो उन्हें दिखे।
- चेक बाउंस से बचें और खाते में पर्याप्त बैलेंस रखें।
- उद्यम रजिस्ट्रेशन करवाएँ — यह मुफ़्त है और MSME के रूप में पहचान देता है।
- ज़रूरत जितनी रकम माँगें और EMI बिज़नेस की मासिक बचत में फ़िट करें।
- GST नहीं है? देखें बिना GST के बिज़नेस लोन।
आगे देखें दस्तावेज़ और बिज़नेस लोन कैसे लें।

