अलग-अलग ब्याज दरों पर ₹3 लाख की 7 साल की EMI
| ब्याज दर (सालाना) | मासिक EMI | कुल ब्याज | कुल भुगतान |
|---|---|---|---|
| 10% | ₹4,980 | ₹1,18,350 | ₹4,18,350 |
| 12% | ₹5,296 | ₹1,44,849 | ₹4,44,849 |
| 14% | ₹5,622 | ₹1,72,248 | ₹4,72,248 |
| 16% | ₹5,959 | ₹2,00,524 | ₹5,00,524 |
| 18% | ₹6,305 | ₹2,29,650 | ₹5,29,650 |
| 20% | ₹6,662 | ₹2,59,596 | ₹5,59,596 |
| 22% | ₹7,028 | ₹2,90,334 | ₹5,90,334 |
| 24% | ₹7,403 | ₹3,21,830 | ₹6,21,830 |
यह रिड्यूसिंग बैलेंस फ़ॉर्मूले से निकाली गई है। दरें सिर्फ़ तुलना के लिए हैं, किसी लेंडर का ऑफ़र नहीं; प्रोसेसिंग फ़ीस और GST अलग से लगते हैं और लेंडर के Key Fact Statement में दिखते हैं।
14% पर साल-दर-साल भुगतान
| साल | चुकाया मूलधन | चुकाया ब्याज | बचा बकाया |
|---|---|---|---|
| साल 1 | ₹27,163 | ₹40,301 | ₹2,72,837 |
| साल 2 | ₹31,220 | ₹36,244 | ₹2,41,617 |
| साल 3 | ₹35,882 | ₹31,582 | ₹2,05,735 |
| साल 4 | ₹41,241 | ₹26,223 | ₹1,64,494 |
| साल 5 | ₹47,400 | ₹20,064 | ₹1,17,094 |
| साल 6 | ₹54,479 | ₹12,985 | ₹62,615 |
| साल 7 | ₹62,615 | ₹4,849 | ₹0 |
ब्याज बचे हुए बकाये पर लगता है, इसलिए शुरुआती EMI में ज़्यादातर ब्याज और बाद की EMI में ज़्यादातर मूलधन होता है: पहले हिस्से का ब्याज लगभग ₹40,301 और आख़िरी का लगभग ₹4,849। आधा लोन लगभग साल 5 तक चुक जाता है। अवधि की शुरुआत में आंशिक प्रीपेमेंट से सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है।
₹3 लाख दूसरी अवधियों में
| अवधि | मासिक EMI | कुल ब्याज |
|---|---|---|
| 1 साल | ₹26,936 | ₹23,234 |
| 2 साल | ₹14,404 | ₹45,693 |
| 3 साल | ₹10,253 | ₹69,118 |
| 4 साल | ₹8,198 | ₹93,501 |
| 5 साल | ₹6,980 | ₹1,18,829 |
| 7 साल | ₹5,622 | ₹1,72,248 |
5 साल चुनने से EMI बढ़ती है, लेकिन लगभग ₹53,420 ब्याज बचता है।
7 साल के लिए आस-पास की रकम
| लोन की रकम | मासिक EMI | कुल ब्याज |
|---|---|---|
| ₹2 लाख | ₹3,748 | ₹1,14,832 |
| ₹2.5 लाख | ₹4,685 | ₹1,43,540 |
| ₹3 लाख | ₹5,622 | ₹1,72,248 |
| ₹4 लाख | ₹7,496 | ₹2,29,664 |
| ₹5 लाख | ₹9,370 | ₹2,87,080 |
इस EMI के लिए कितनी आय चाहिए?
कई लेंडर चाहते हैं कि आपकी सभी EMI मासिक टेक-होम आय के लगभग आधे के अंदर रहें। कोई और EMI न हो तो ₹5,622 की EMI लगभग ₹12,000 महीने की आय के आधे में फ़िट होती है। लेंडर अपनी न्यूनतम आय भी तय करते हैं, जो अक्सर इससे ज़्यादा होती है, और CIBIL स्कोर व बैंकिंग भी देखते हैं — इसे मोटा अंदाज़ा मानें, वादा नहीं।
इस लोन पर कम कैसे चुकाएँ
- ऑफ़र की तुलना सिर्फ़ ब्याज दर पर नहीं, Key Fact Statement में लिखे APR पर करें।
- देखें कि दर रिड्यूसिंग है, फ़्लैट नहीं — फ़्लैट दर कहीं ज़्यादा महँगी पड़ती है।
- सबसे छोटी अवधि चुनें जिसकी EMI हर महीने आराम से भर सकें।
- जब हो सके प्रीपेमेंट करें — शुरुआती प्रीपेमेंट से सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है। पहले प्रीपेमेंट शुल्क देख लें।
- CIBIL स्कोर अच्छा रखें — बेहतर स्कोर पर आम तौर पर बेहतर दर मिलती है।

