अलग-अलग ब्याज दरों पर ₹2.5 लाख की 7 साल की EMI
| ब्याज दर (सालाना) | मासिक EMI | कुल ब्याज | कुल भुगतान |
|---|---|---|---|
| 10% | ₹4,150 | ₹98,625 | ₹3,48,625 |
| 12% | ₹4,413 | ₹1,20,707 | ₹3,70,707 |
| 14% | ₹4,685 | ₹1,43,540 | ₹3,93,540 |
| 16% | ₹4,966 | ₹1,67,103 | ₹4,17,103 |
| 18% | ₹5,254 | ₹1,91,375 | ₹4,41,375 |
| 20% | ₹5,552 | ₹2,16,330 | ₹4,66,330 |
| 22% | ₹5,856 | ₹2,41,945 | ₹4,91,945 |
| 24% | ₹6,169 | ₹2,68,192 | ₹5,18,192 |
यह रिड्यूसिंग बैलेंस फ़ॉर्मूले से निकाली गई है। दरें सिर्फ़ तुलना के लिए हैं, किसी लेंडर का ऑफ़र नहीं; प्रोसेसिंग फ़ीस और GST अलग से लगते हैं और लेंडर के Key Fact Statement में दिखते हैं।
14% पर साल-दर-साल भुगतान
| साल | चुकाया मूलधन | चुकाया ब्याज | बचा बकाया |
|---|---|---|---|
| साल 1 | ₹22,636 | ₹33,584 | ₹2,27,364 |
| साल 2 | ₹26,017 | ₹30,204 | ₹2,01,347 |
| साल 3 | ₹29,902 | ₹26,318 | ₹1,71,446 |
| साल 4 | ₹34,368 | ₹21,853 | ₹1,37,078 |
| साल 5 | ₹39,500 | ₹16,720 | ₹97,578 |
| साल 6 | ₹45,399 | ₹10,821 | ₹52,179 |
| साल 7 | ₹52,179 | ₹4,041 | ₹0 |
ब्याज बचे हुए बकाये पर लगता है, इसलिए शुरुआती EMI में ज़्यादातर ब्याज और बाद की EMI में ज़्यादातर मूलधन होता है: पहले हिस्से का ब्याज लगभग ₹33,584 और आख़िरी का लगभग ₹4,041। आधा लोन लगभग साल 5 तक चुक जाता है। अवधि की शुरुआत में आंशिक प्रीपेमेंट से सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है।
₹2.5 लाख दूसरी अवधियों में
| अवधि | मासिक EMI | कुल ब्याज |
|---|---|---|
| 1 साल | ₹22,447 | ₹19,361 |
| 2 साल | ₹12,003 | ₹38,077 |
| 3 साल | ₹8,544 | ₹57,599 |
| 4 साल | ₹6,832 | ₹77,918 |
| 5 साल | ₹5,817 | ₹99,024 |
| 7 साल | ₹4,685 | ₹1,43,540 |
5 साल चुनने से EMI बढ़ती है, लेकिन लगभग ₹44,516 ब्याज बचता है।
7 साल के लिए आस-पास की रकम
| लोन की रकम | मासिक EMI | कुल ब्याज |
|---|---|---|
| ₹2 लाख | ₹3,748 | ₹1,14,832 |
| ₹2.5 लाख | ₹4,685 | ₹1,43,540 |
| ₹3 लाख | ₹5,622 | ₹1,72,248 |
| ₹4 लाख | ₹7,496 | ₹2,29,664 |
इस EMI के लिए कितनी आय चाहिए?
कई लेंडर चाहते हैं कि आपकी सभी EMI मासिक टेक-होम आय के लगभग आधे के अंदर रहें। कोई और EMI न हो तो ₹4,685 की EMI लगभग ₹10,000 महीने की आय के आधे में फ़िट होती है। लेंडर अपनी न्यूनतम आय भी तय करते हैं, जो अक्सर इससे ज़्यादा होती है, और CIBIL स्कोर व बैंकिंग भी देखते हैं — इसे मोटा अंदाज़ा मानें, वादा नहीं।
इस लोन पर कम कैसे चुकाएँ
- ऑफ़र की तुलना सिर्फ़ ब्याज दर पर नहीं, Key Fact Statement में लिखे APR पर करें।
- देखें कि दर रिड्यूसिंग है, फ़्लैट नहीं — फ़्लैट दर कहीं ज़्यादा महँगी पड़ती है।
- सबसे छोटी अवधि चुनें जिसकी EMI हर महीने आराम से भर सकें।
- जब हो सके प्रीपेमेंट करें — शुरुआती प्रीपेमेंट से सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है। पहले प्रीपेमेंट शुल्क देख लें।
- CIBIL स्कोर अच्छा रखें — बेहतर स्कोर पर आम तौर पर बेहतर दर मिलती है।

