अलग-अलग ब्याज दरों पर ₹25,000 की 1 साल की EMI
| ब्याज दर (सालाना) | मासिक EMI | कुल ब्याज | कुल भुगतान |
|---|---|---|---|
| 10% | ₹2,198 | ₹1,375 | ₹26,375 |
| 12% | ₹2,221 | ₹1,655 | ₹26,655 |
| 14% | ₹2,245 | ₹1,936 | ₹26,936 |
| 16% | ₹2,268 | ₹2,219 | ₹27,219 |
| 18% | ₹2,292 | ₹2,504 | ₹27,504 |
| 20% | ₹2,316 | ₹2,790 | ₹27,790 |
| 22% | ₹2,340 | ₹3,078 | ₹28,078 |
| 24% | ₹2,364 | ₹3,368 | ₹28,368 |
यह रिड्यूसिंग बैलेंस फ़ॉर्मूले से निकाली गई है। दरें सिर्फ़ तुलना के लिए हैं, किसी लेंडर का ऑफ़र नहीं; प्रोसेसिंग फ़ीस और GST अलग से लगते हैं और लेंडर के Key Fact Statement में दिखते हैं।
16% पर महीने-दर-महीने भुगतान
| महीना | चुकाया मूलधन | चुकाया ब्याज | बचा बकाया |
|---|---|---|---|
| महीना 1 | ₹1,935 | ₹333 | ₹23,065 |
| महीना 2 | ₹1,961 | ₹308 | ₹21,104 |
| महीना 3 | ₹1,987 | ₹281 | ₹19,117 |
| महीना 4 | ₹2,013 | ₹255 | ₹17,104 |
| महीना 5 | ₹2,040 | ₹228 | ₹15,064 |
| महीना 6 | ₹2,067 | ₹201 | ₹12,996 |
| महीना 7 | ₹2,095 | ₹173 | ₹10,901 |
| महीना 8 | ₹2,123 | ₹145 | ₹8,779 |
| महीना 9 | ₹2,151 | ₹117 | ₹6,627 |
| महीना 10 | ₹2,180 | ₹88 | ₹4,447 |
| महीना 11 | ₹2,209 | ₹59 | ₹2,238 |
| महीना 12 | ₹2,238 | ₹30 | ₹0 |
ब्याज बचे हुए बकाये पर लगता है, इसलिए शुरुआती EMI में ज़्यादातर ब्याज और बाद की EMI में ज़्यादातर मूलधन होता है: पहले हिस्से का ब्याज लगभग ₹333 और आख़िरी का लगभग ₹30। आधा लोन लगभग महीना 7 तक चुक जाता है। अवधि की शुरुआत में आंशिक प्रीपेमेंट से सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है।
₹25,000 दूसरी अवधियों में
6 महीने चुनने से EMI बढ़ती है, लेकिन लगभग ₹1,040 ब्याज बचता है। 18 महीने करने से EMI घटती है, लेकिन लगभग ₹1,066 ब्याज बढ़ जाता है।
1 साल के लिए आस-पास की रकम
| लोन की रकम | मासिक EMI | कुल ब्याज |
|---|---|---|
| ₹15,000 | ₹1,361 | ₹1,332 |
| ₹20,000 | ₹1,815 | ₹1,775 |
| ₹25,000 | ₹2,268 | ₹2,219 |
| ₹30,000 | ₹2,722 | ₹2,663 |
| ₹40,000 | ₹3,629 | ₹3,551 |
इस EMI के लिए कितनी आय चाहिए?
कई लेंडर चाहते हैं कि आपकी सभी EMI मासिक टेक-होम आय के लगभग आधे के अंदर रहें। कोई और EMI न हो तो ₹2,268 की EMI लगभग ₹5,000 महीने की आय के आधे में फ़िट होती है। लेंडर अपनी न्यूनतम आय भी तय करते हैं, जो अक्सर इससे ज़्यादा होती है, और CIBIL स्कोर व बैंकिंग भी देखते हैं — इसे मोटा अंदाज़ा मानें, वादा नहीं।
इस लोन पर कम कैसे चुकाएँ
- ऑफ़र की तुलना सिर्फ़ ब्याज दर पर नहीं, Key Fact Statement में लिखे APR पर करें।
- देखें कि दर रिड्यूसिंग है, फ़्लैट नहीं — फ़्लैट दर कहीं ज़्यादा महँगी पड़ती है।
- सबसे छोटी अवधि चुनें जिसकी EMI हर महीने आराम से भर सकें।
- जब हो सके प्रीपेमेंट करें — शुरुआती प्रीपेमेंट से सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है। पहले प्रीपेमेंट शुल्क देख लें।
- CIBIL स्कोर अच्छा रखें — बेहतर स्कोर पर आम तौर पर बेहतर दर मिलती है।

