अलग-अलग ब्याज दरों पर ₹10,000 की 18 महीने की EMI
| ब्याज दर (सालाना) | मासिक EMI | कुल ब्याज | कुल भुगतान |
|---|---|---|---|
| 10% | ₹601 | ₹810 | ₹10,810 |
| 12% | ₹610 | ₹977 | ₹10,977 |
| 14% | ₹619 | ₹1,145 | ₹11,145 |
| 16% | ₹629 | ₹1,314 | ₹11,314 |
| 18% | ₹638 | ₹1,485 | ₹11,485 |
| 20% | ₹648 | ₹1,657 | ₹11,657 |
| 22% | ₹657 | ₹1,831 | ₹11,831 |
| 24% | ₹667 | ₹2,006 | ₹12,006 |
यह रिड्यूसिंग बैलेंस फ़ॉर्मूले से निकाली गई है। दरें सिर्फ़ तुलना के लिए हैं, किसी लेंडर का ऑफ़र नहीं; प्रोसेसिंग फ़ीस और GST अलग से लगते हैं और लेंडर के Key Fact Statement में दिखते हैं।
16% पर महीने-दर-महीने भुगतान
| महीना | चुकाया मूलधन | चुकाया ब्याज | बचा बकाया |
|---|---|---|---|
| महीना 1 | ₹495 | ₹133 | ₹9,505 |
| महीना 2 | ₹502 | ₹127 | ₹9,003 |
| महीना 3 | ₹509 | ₹120 | ₹8,494 |
| महीना 4 | ₹515 | ₹113 | ₹7,979 |
| महीना 5 | ₹522 | ₹106 | ₹7,457 |
| महीना 6 | ₹529 | ₹99 | ₹6,928 |
| महीना 7 | ₹536 | ₹92 | ₹6,392 |
| महीना 8 | ₹543 | ₹85 | ₹5,848 |
| महीना 9 | ₹551 | ₹78 | ₹5,298 |
| महीना 10 | ₹558 | ₹71 | ₹4,740 |
| महीना 11 | ₹565 | ₹63 | ₹4,174 |
| महीना 12 | ₹573 | ₹56 | ₹3,601 |
| महीना 13 | ₹581 | ₹48 | ₹3,021 |
| महीना 14 | ₹588 | ₹40 | ₹2,433 |
| महीना 15 | ₹596 | ₹32 | ₹1,837 |
| महीना 16 | ₹604 | ₹24 | ₹1,232 |
| महीना 17 | ₹612 | ₹16 | ₹620 |
| महीना 18 | ₹620 | ₹8 | ₹0 |
ब्याज बचे हुए बकाये पर लगता है, इसलिए शुरुआती EMI में ज़्यादातर ब्याज और बाद की EMI में ज़्यादातर मूलधन होता है: पहले हिस्से का ब्याज लगभग ₹133 और आख़िरी का लगभग ₹8। आधा लोन लगभग महीना 10 तक चुक जाता है। अवधि की शुरुआत में आंशिक प्रीपेमेंट से सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है।
₹10,000 दूसरी अवधियों में
1 साल चुनने से EMI बढ़ती है, लेकिन लगभग ₹426 ब्याज बचता है। 2 साल करने से EMI घटती है, लेकिन लगभग ₹437 ब्याज बढ़ जाता है।
18 महीने के लिए आस-पास की रकम
इस EMI के लिए कितनी आय चाहिए?
कई लेंडर चाहते हैं कि आपकी सभी EMI मासिक टेक-होम आय के लगभग आधे के अंदर रहें। कोई और EMI न हो तो ₹629 की EMI लगभग ₹2,000 महीने की आय के आधे में फ़िट होती है। लेंडर अपनी न्यूनतम आय भी तय करते हैं, जो अक्सर इससे ज़्यादा होती है, और CIBIL स्कोर व बैंकिंग भी देखते हैं — इसे मोटा अंदाज़ा मानें, वादा नहीं।
इस लोन पर कम कैसे चुकाएँ
- ऑफ़र की तुलना सिर्फ़ ब्याज दर पर नहीं, Key Fact Statement में लिखे APR पर करें।
- देखें कि दर रिड्यूसिंग है, फ़्लैट नहीं — फ़्लैट दर कहीं ज़्यादा महँगी पड़ती है।
- सबसे छोटी अवधि चुनें जिसकी EMI हर महीने आराम से भर सकें।
- जब हो सके प्रीपेमेंट करें — शुरुआती प्रीपेमेंट से सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है। पहले प्रीपेमेंट शुल्क देख लें।
- CIBIL स्कोर अच्छा रखें — बेहतर स्कोर पर आम तौर पर बेहतर दर मिलती है।

