अलग-अलग ब्याज दरों पर ₹20,000 की 18 महीने की EMI
| ब्याज दर (सालाना) | मासिक EMI | कुल ब्याज | कुल भुगतान |
|---|---|---|---|
| 10% | ₹1,201 | ₹1,621 | ₹21,621 |
| 12% | ₹1,220 | ₹1,954 | ₹21,954 |
| 14% | ₹1,238 | ₹2,289 | ₹22,289 |
| 16% | ₹1,257 | ₹2,628 | ₹22,628 |
| 18% | ₹1,276 | ₹2,970 | ₹22,970 |
| 20% | ₹1,295 | ₹3,315 | ₹23,315 |
| 22% | ₹1,315 | ₹3,662 | ₹23,662 |
| 24% | ₹1,334 | ₹4,013 | ₹24,013 |
यह रिड्यूसिंग बैलेंस फ़ॉर्मूले से निकाली गई है। दरें सिर्फ़ तुलना के लिए हैं, किसी लेंडर का ऑफ़र नहीं; प्रोसेसिंग फ़ीस और GST अलग से लगते हैं और लेंडर के Key Fact Statement में दिखते हैं।
16% पर महीने-दर-महीने भुगतान
| महीना | चुकाया मूलधन | चुकाया ब्याज | बचा बकाया |
|---|---|---|---|
| महीना 1 | ₹990 | ₹267 | ₹19,010 |
| महीना 2 | ₹1,004 | ₹253 | ₹18,006 |
| महीना 3 | ₹1,017 | ₹240 | ₹16,989 |
| महीना 4 | ₹1,031 | ₹227 | ₹15,958 |
| महीना 5 | ₹1,044 | ₹213 | ₹14,914 |
| महीना 6 | ₹1,058 | ₹199 | ₹13,856 |
| महीना 7 | ₹1,072 | ₹185 | ₹12,783 |
| महीना 8 | ₹1,087 | ₹170 | ₹11,697 |
| महीना 9 | ₹1,101 | ₹156 | ₹10,595 |
| महीना 10 | ₹1,116 | ₹141 | ₹9,479 |
| महीना 11 | ₹1,131 | ₹126 | ₹8,349 |
| महीना 12 | ₹1,146 | ₹111 | ₹7,203 |
| महीना 13 | ₹1,161 | ₹96 | ₹6,042 |
| महीना 14 | ₹1,177 | ₹81 | ₹4,865 |
| महीना 15 | ₹1,192 | ₹65 | ₹3,673 |
| महीना 16 | ₹1,208 | ₹49 | ₹2,465 |
| महीना 17 | ₹1,224 | ₹33 | ₹1,241 |
| महीना 18 | ₹1,241 | ₹17 | ₹0 |
ब्याज बचे हुए बकाये पर लगता है, इसलिए शुरुआती EMI में ज़्यादातर ब्याज और बाद की EMI में ज़्यादातर मूलधन होता है: पहले हिस्से का ब्याज लगभग ₹267 और आख़िरी का लगभग ₹17। आधा लोन लगभग महीना 10 तक चुक जाता है। अवधि की शुरुआत में आंशिक प्रीपेमेंट से सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है।
₹20,000 दूसरी अवधियों में
1 साल चुनने से EMI बढ़ती है, लेकिन लगभग ₹853 ब्याज बचता है। 2 साल करने से EMI घटती है, लेकिन लगभग ₹874 ब्याज बढ़ जाता है।
18 महीने के लिए आस-पास की रकम
| लोन की रकम | मासिक EMI | कुल ब्याज |
|---|---|---|
| ₹10,000 | ₹629 | ₹1,314 |
| ₹15,000 | ₹943 | ₹1,971 |
| ₹20,000 | ₹1,257 | ₹2,628 |
| ₹25,000 | ₹1,571 | ₹3,285 |
| ₹30,000 | ₹1,886 | ₹3,942 |
इस EMI के लिए कितनी आय चाहिए?
कई लेंडर चाहते हैं कि आपकी सभी EMI मासिक टेक-होम आय के लगभग आधे के अंदर रहें। कोई और EMI न हो तो ₹1,257 की EMI लगभग ₹3,000 महीने की आय के आधे में फ़िट होती है। लेंडर अपनी न्यूनतम आय भी तय करते हैं, जो अक्सर इससे ज़्यादा होती है, और CIBIL स्कोर व बैंकिंग भी देखते हैं — इसे मोटा अंदाज़ा मानें, वादा नहीं।
इस लोन पर कम कैसे चुकाएँ
- ऑफ़र की तुलना सिर्फ़ ब्याज दर पर नहीं, Key Fact Statement में लिखे APR पर करें।
- देखें कि दर रिड्यूसिंग है, फ़्लैट नहीं — फ़्लैट दर कहीं ज़्यादा महँगी पड़ती है।
- सबसे छोटी अवधि चुनें जिसकी EMI हर महीने आराम से भर सकें।
- जब हो सके प्रीपेमेंट करें — शुरुआती प्रीपेमेंट से सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है। पहले प्रीपेमेंट शुल्क देख लें।
- CIBIL स्कोर अच्छा रखें — बेहतर स्कोर पर आम तौर पर बेहतर दर मिलती है।

