अलग-अलग ब्याज दरों पर ₹5 लाख की 5 साल की EMI
| ब्याज दर (सालाना) | मासिक EMI | कुल ब्याज | कुल भुगतान |
|---|---|---|---|
| 10% | ₹10,624 | ₹1,37,411 | ₹6,37,411 |
| 12% | ₹11,122 | ₹1,67,333 | ₹6,67,333 |
| 14% | ₹11,634 | ₹1,98,048 | ₹6,98,048 |
| 16% | ₹12,159 | ₹2,29,542 | ₹7,29,542 |
| 18% | ₹12,697 | ₹2,61,803 | ₹7,61,803 |
| 20% | ₹13,247 | ₹2,94,817 | ₹7,94,817 |
| 22% | ₹13,809 | ₹3,28,567 | ₹8,28,567 |
| 24% | ₹14,384 | ₹3,63,039 | ₹8,63,039 |
यह रिड्यूसिंग बैलेंस फ़ॉर्मूले से निकाली गई है। दरें सिर्फ़ तुलना के लिए हैं, किसी लेंडर का ऑफ़र नहीं; प्रोसेसिंग फ़ीस और GST अलग से लगते हैं और लेंडर के Key Fact Statement में दिखते हैं।
14% पर साल-दर-साल भुगतान
| साल | चुकाया मूलधन | चुकाया ब्याज | बचा बकाया |
|---|---|---|---|
| साल 1 | ₹74,254 | ₹65,355 | ₹4,25,746 |
| साल 2 | ₹85,344 | ₹54,266 | ₹3,40,402 |
| साल 3 | ₹98,089 | ₹41,520 | ₹2,42,313 |
| साल 4 | ₹1,12,738 | ₹26,871 | ₹1,29,575 |
| साल 5 | ₹1,29,575 | ₹10,035 | ₹0 |
ब्याज बचे हुए बकाये पर लगता है, इसलिए शुरुआती EMI में ज़्यादातर ब्याज और बाद की EMI में ज़्यादातर मूलधन होता है: पहले हिस्से का ब्याज लगभग ₹65,355 और आख़िरी का लगभग ₹10,035। आधा लोन लगभग साल 3 तक चुक जाता है। अवधि की शुरुआत में आंशिक प्रीपेमेंट से सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है।
₹5 लाख दूसरी अवधियों में
| अवधि | मासिक EMI | कुल ब्याज |
|---|---|---|
| 1 साल | ₹44,894 | ₹38,723 |
| 2 साल | ₹24,006 | ₹76,155 |
| 3 साल | ₹17,089 | ₹1,15,197 |
| 4 साल | ₹13,663 | ₹1,55,835 |
| 5 साल | ₹11,634 | ₹1,98,048 |
| 7 साल | ₹9,370 | ₹2,87,080 |
4 साल चुनने से EMI बढ़ती है, लेकिन लगभग ₹42,212 ब्याज बचता है। 7 साल करने से EMI घटती है, लेकिन लगभग ₹89,033 ब्याज बढ़ जाता है।
5 साल के लिए आस-पास की रकम
| लोन की रकम | मासिक EMI | कुल ब्याज |
|---|---|---|
| ₹3 लाख | ₹6,980 | ₹1,18,829 |
| ₹4 लाख | ₹9,307 | ₹1,58,438 |
| ₹5 लाख | ₹11,634 | ₹1,98,048 |
| ₹6 लाख | ₹13,961 | ₹2,37,657 |
| ₹7 लाख | ₹16,288 | ₹2,77,267 |
इस EMI के लिए कितनी आय चाहिए?
कई लेंडर चाहते हैं कि आपकी सभी EMI मासिक टेक-होम आय के लगभग आधे के अंदर रहें। कोई और EMI न हो तो ₹11,634 की EMI लगभग ₹24,000 महीने की आय के आधे में फ़िट होती है। लेंडर अपनी न्यूनतम आय भी तय करते हैं, जो अक्सर इससे ज़्यादा होती है, और CIBIL स्कोर व बैंकिंग भी देखते हैं — इसे मोटा अंदाज़ा मानें, वादा नहीं।
इस लोन पर कम कैसे चुकाएँ
- ऑफ़र की तुलना सिर्फ़ ब्याज दर पर नहीं, Key Fact Statement में लिखे APR पर करें।
- देखें कि दर रिड्यूसिंग है, फ़्लैट नहीं — फ़्लैट दर कहीं ज़्यादा महँगी पड़ती है।
- सबसे छोटी अवधि चुनें जिसकी EMI हर महीने आराम से भर सकें।
- जब हो सके प्रीपेमेंट करें — शुरुआती प्रीपेमेंट से सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है। पहले प्रीपेमेंट शुल्क देख लें।
- CIBIL स्कोर अच्छा रखें — बेहतर स्कोर पर आम तौर पर बेहतर दर मिलती है।

